अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

सुवर्णरेखा परियोजना पूर्ण करने की अवधि 2026 तक विस्तारित करने का प्रस्ताव


अब तक 4087.41करोड़ हो चुका है खर्च
रांची:- सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना का 2022 तक पूर्ण होने की संभावना नहीं है और इस परियोजना को पूर्ण करने की अवधि 2026 तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है।
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुवर्णरेखा परियोजना में झारखंड का हिस्सा 9579.56 करोड़ है, जिसमें से 31 मार्च 21 तक 4087.41 करोड़ रुपये खर्च हो चुका है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के मापदंड के अनुसार इस परियोजना में राज्य का हिस्सा 7073.01 करोड़ और केंद्र का हिस्सा 2506.57 करोड़ है। सुवर्णरेखा परियोजना पर मार्च 2021 तक व्यय के उपरांत केंद्र सरकार से 616.96 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होनी है और शेष 4875.21 करोड़ राज्य सरकार को व्यय करना है। परियोजना पर चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 117.88 करोड़ का आवंटन निर्गत किया जा चुका है और शेष राशि आवश्यकतानुसार जल संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के लिए 181.45 करोड़ का बजट प्रावधान है। इसके अतिरिक्त अनुपूरक बजट तथा नाबार्ड ऋण से राशि प्राप्त करने की कार्रवाई की जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 200 रुपये करोड़ केंद्रीय अनुदान प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से अनुरोध किया गया है और सरकार की ओर से दावा किया गया है कि परियोजना के लिए निधि की कमी नहीं होने दी जाएगी। विभाग की ओर से यह भी जानकारी उपलब्ध करायी गयी है कि सुवर्णरेखा परियोजना के षष्ट्म पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार परियोजना को वित्तीय वर्ष 2023-24 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। इसलिए 2024 तक राशि बढ़ने की संभावना नहीं है, लेकिन केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा पीएमकेएसवई-एआईबीपी अंतर्गत चयनित योजना, जिसमें सुवर्णरेखा परियोजना भी शामिल है, को पूर्ण करने की अवधि 2026 तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है।

%d bloggers like this: