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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रोजेक्ट पंक्षी का होगा शुभारंभ


देवघर:- देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को पूर्ण रूप से सक्रिय करने और इस दिशा में बेहतर कार्य करने के उदेश्य से जिला स्तर व प्रखंड स्तर के अधिकारियों, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन, नीड्स, चेतना विकास के अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि समितिकठिन परिस्थिति में रहने वाले बच्चों के परिवार, नए आने वाले बच्चों और गांव से बाहर गए बच्चों का सामाजिक मानचित्रण करेगी। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालयों में उपलब्ध बच्चों को चिह्नित कर सूची तैयार करेगी, ताकि इनपर विशेष ध्यान रखी जा सके। अद्यतन सूची को प्रखंड और जिला भेजी जाएगी। समिति बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण संबंधी विषयों पर कार्य करेगी। वही ग्राम स्तर पर बाल श्रम, बाल यौन शोषण, पलायन, ट्रैफिकिंग मानव व्यापार, बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लागने में सक्रिय पहल करेगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित थाना या किशोर पुलिस ईकाई, जिला बाल सरंक्षण संस्था और बाल कल्याण समिति को तत्काल कार्रवाई के लिए सूचित करेगी। साथ ही समिति बाल मजदूरी, बाल विवाह, बाल व्यापार से संबंधित विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम का संचालन आदि कार्य करेगी।
इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी को संबोधित करतें हुए कहा कि बच्चे राष्ट्र की शक्ति व संपत्ति हैं। इनकी समुचित देखभाल, विकास व सुरक्षा हमारा कर्तव्य है। आगे उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों और संरक्षण से संबंधित गतिविधियों के प्रभावी समन्वयन और कार्यान्वयन पर समीक्षा कर कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े एनजीओ एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि इस दिशा में बेहतर कार्य योजना के साथ कार्य किया जा सके। साथ ही उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न आवश्यक बिन्दुओं पर जमीनी स्तर पर कार्य करने की दिशा में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया। आगे उपायुक्त ने ग्रामीण स्तर पर बाल विवाह, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, मानव तस्करी आदि को जिला से पूर्णतः समाप्त करने की दिशा में जिला एवं ग्राम स्तर पर बने विभिन्न संगठनों यथा-जिला समाज कल्याण विभाग, डीसीपीयू, वीएलसीपीसी, जेएसएलपीएस, आनन्द शाला, तेजस्वीनी क्लब आदि को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारी व कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के अधिकारी आपसी समन्व्यव व बेहतर कार्य योजना के साथ ग्रामीण परिवेश में लोगों को जागरूक करते हुए बेहतर शिक्षा का माहौल तैयार करने की बात कही, ताकि शिक्षा का बेहतर परिवेश तैयार करते हुए समाज में फैले इन कुरीतियों को पूर्णतः समाप्त किया जा सके।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गई की बच्चों की देखभाल, विकास के लिए प्रोजेक्ट पंछी का शुभारंभ दिनांक 15.08.2021 को किया जाएगा। आगे उन्होनें कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं उनका लगातार फॉलोअप के लिए मंथली इन्फॉर्मेशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। ट्रैफिकिग, बाल श्रम, बाल विवाह एवं बाल यौन शोषण के शिकार बच्चों का फॉलोअप के लिए एक ट्रैकिग सिस्टम विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में कार्य कर रही चाइल्डलाइन, स्वयंसेवी संस्थाओं और जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा सभी प्रखंडों में गठित प्रखंड बाल संरक्षण समिति एवं ग्राम बाल संरक्षण समिति को सशक्त करने के लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम कराए जायेंगे। साथ ही बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल तस्करी आदि जैसे मुद्दों पर कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया संबंधित अधिकारियो को दिया गया। आगे उपायुक्त ने बाल विवाह को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों को चिन्हित करने का निर्देश पदाधिकारी को दिया। साथ ही जिले में हो रहे बाल विवाह के बारे में चिंता जाहिर करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले में बाल विवाह रोकना चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे सबको मिलकर पूरा करना है। उपायुक्त ने जानकारी देते हुए कहा कि चाइल्ड लाइन हेल्प लाईन नंबर-1098 भारत के गैर सरकारी संगठन चाइल्ड लाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा संचालित दूरभाष सहायता सेवा है। बच्चों के हितों की रक्षा के हेल्प लाईन नंबर पर संपर्क कर सूचना दे सकतें है।
इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने इस दिशा में बेहतर कार्य कार्य योजना को प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने के अलावा विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर वीएलसीपीसी को पूर्ण रूप से सक्रिय करने का निर्देश दिया। साथ हीं बाल श्रम, मानव व्यापार, बाल व्यापार जैसे सामाजिक मुद्दों पर विशेष अभियान चलाने का निर्णय बैठक में लिया गया। वहीं बाल विवाह और विवाह के नाम पर महिलाओं के शोषण पर रोक लगाने हेतु व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान को जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य योजना के साथ चलाने का निदेश उपायुक्त द्वारा दिया गया। आगे उपायुक्त ने इस हेतु सभी वीएलसीपीसी को सक्रिय कर सभी को प्रशिक्षित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। साथ अभियान केसफल संचालन हेतु जेएसएलपीएस, आनंद शाला, तेजस्विनी, डीसीपीयू एवं समाज कल्याण को आपसी समन्वय स्थापित कर इस दिशा में बेहतर कार्य योजना तैयार करते हुए उपायुक्त कार्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया।
बैठक में उपरोक्त के अलावे पुलिस अधीक्षक धनजंय कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त श्री संजय सिन्हा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंडो के प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के अधिकारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, जेएसएलपीएस के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन, नीड्स, चेतना विकास के प्रतिनिधि व कर्मी आदि उपस्थित थे।

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