अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

प्रधानमंत्री का टॉयकैथॉन-2021 के प्रतिभागियों के साथ संवाद, बोले- खिलौने के आयात की स्थिति बदलनी होगी

नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज टॉयकैथॉन-2021 के प्रतिभागियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संवाद कर रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य अभिनव खिलौनों और गेम्स के लिए नए विचारों को क्राउड-सोर्स द्वारा आमंत्रित करना है।इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद रहे।
पीएम के संबोधन की मुख्य बातें
भारत 80% खिलौने विदेश से आयात करता है, खिलौने के आयात की स्थिति बदलनी होगी
बीते 5-6 वर्षों में हैकाथॉन को देश की समस्याओं के समाधान का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनाया गया है।
इसके पीछे की सोच है- देश के सामर्थ्य को संगठित करना, उसे एक माध्यम देना।
कोशिश ये है कि देश की चुनौतियों और समाधान से हमारे नौजवान का सीधा कनेक्ट हो।
ये टॉय, गेम्स हमारी मानसिक शक्ति, हमारी क्रिएटिविटी और हमारी अर्थव्यवस्था जैसे अनेक पहलुओं को प्रभावित करती है।
Global Toy Market करीब 100 बिलियन डॉलर का है। इसमें भारत की हिस्सेदारी सिर्फ डेढ़ बिलियन डॉलर के आसपास ही है।
आज हम अपनी आवश्यकता के भी लगभग 80 प्रतिशत खिलौने आयात करते हैं।
यानि इन पर देश के करोड़ों रुपये बाहर जा रहे हैं। इस स्थिति को बदलना ज़रूरी है।
भारत के वर्तमान सामर्थ्य को, भारत की कला-संस्कृति को, भारत के समाज को आज दुनिया ज्यादा बेहतर तरीके से समझना चाहती है।
इसमें हमारी Toys और Gaming Industry बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती है।

दुबई से भारत के लिए आज उड़ान भरेगी एअर इंडिया की फ्लाइट्स, यात्रियों के लिए ये है नए नियम

प्रधानमंत्री ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा कि 24 जून को पूर्वाह्न 11 बजे टॉयकैथॉन-2021 के प्रतिभागियों के साथ संवाद करूंगा, जिसका लक्ष्य भारत को खिलौनों के उत्पादन और संबंधित विचारों का केंद्र बनाने का प्रयास है। टॉयकैथॉन का आयोजन शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, डीपीआईआईटी, कपड़ा मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा एआईसीटीई संयुक्त रूप से करता है।

जम्मू के मुद्दे पर पीएम की अहम बैठक और पेट्रोल डीजल के दामा में आग, आज इन खबराें पर देश की नजर

टॉयकैथॉन, भारत के घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक खिलौना बाजार हमारे विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। टॉयकैथॉन-2021 का उद्देश्य भारत में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देना है, ताकि खिलौना बाजार के व्यापक हिस्से पर भारत अग्रणी हो सके।

%d bloggers like this: