January 21, 2021

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रामजन्मभूमि में भूमि पूजन के साथ ताम्रपत्र की आधारशिला रख सकतें हैं प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के भव्य व दिव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कर ताम्र पत्र की आधारशिला रख सकते हैं। इस ताम्रपत्र का निर्माण रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कराया जा चुका है। रामजन्मभूमि में भूमि पूजन से पहले प्रधानमंत्री श्री मोदी मां सरयू का पूजन करेंगे। इसके बाद वह हनुमानगढ़ी भी दर्शन के लिए जा सकते हैं। पुन: रामजन्मभूमि में पूजन के उपरांत अयोध्या के समग्र विकास के लिए ‘अयोध्या विकास परिषद’ के गठन का भी ऐलान कर सकते हैं।

बता दें कि रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक आज अयोध्या में होगी। इसमें श्रीराम मंदिर के शिलान्यास की तारीख की घोषणा हो सकती है।
संगठन के सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में पहले बृज विकास परिषद का गठन हो चुका है। इस परिषद के माध्यम से ही यहां चहुंमुखी विकास की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा।यह हाईपावर कमेटी मंदिर निर्माण समिति के साथ संयुक्त रूप से योजनाओं का स्वरूप निर्धारित करेगी। उधर एक तरफ जहां रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सुरक्षा सलाहकार के रूप में बीएसएफ के पूर्व डीजी केके शर्मा को मनोनीत किया जाना प्रस्तावित है। उसी तर्ज पर तीर्थ क्षेत्र की मंदिर निर्माण समिति का भी विस्तार किया जा रहा है। फिलहाल इस समिति में पूर्व में पीएमओ में अयोध्या सेल के प्रभारी रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को नामित किया गया है। मालूम हो कि आईएएस अफसर श्री सिंह वर्ष 98-2001 में यहां कमिश्नर भी रह चुके हैं। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के तत्कालीन अध्यक्ष महंत रामचंद्र दास परमहंस महाराज की ओर से शिलादान की घोषणा के दौरान अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर की हैसियत से उन्होंने ही शिलादान ली थी। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टियों की बैठक से पहले राम मंदिर निर्माण की कार्यदाई संस्था लार्सन एण्ड टुब्रो के इंजीनियर मनमीत कौर भी यहां पहुंच गये हैं। एलएण्डटी के इंजीनियर पंकज श्रीवास्तव तीन सदस्यीय दल के साथ ल्ॉाकडाउन के दौरान ही यहां आ गये थे। पुन: समतलीकरण की प्रक्रिया आरम्भ पर 16 सदस्यीय अलग से बुलाई गयी थी जो कि मृदा परीक्षण की बोरिंग के मशीनों के साथ यहां पहुंची। फिर अब उनके दूसरे तकनीकी विशेषज्ञ श्री कौर भी भेजे गये हैं। इसके अतिरिक्त 70 एकड़ के सौन्दर्यीकरण की डिजाइन लेकर मंदिर माडल के शिल्पकार चंद्रकांत सोमपुरा के बड़े बेटे निखिल सोमपुरा भी आ गये हैं।

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