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ट्रेन से कानपुर जाएंगे राष्ट्रपति, बुलेटप्रूफ कोच में एनएसजी कमांडो होंगे साथ

नई दिल्ली:- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार को दिल्ली के कानपुर के लिए खास ट्रेन में यात्रा करेंगे। राष्ट्रपति उत्तर प्रदेश में अपने जन्म स्थान की यात्रा के लिए ट्रेन में सफर करेंगे। महामहिम जिस ट्रेन से जाएंगे वह प्रेसिडेंशियल ट्रेन है। प्रेसिडेंशियल ट्रेन की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की सुरक्षा में यह ट्रेन टूंडला और फिरोजाबाद होकर निकलेगी और 5 घंटा 30 मिनट में यह विशेष ट्रेन दिल्ली से कानपुर पहुंच जाएगी। फिरोजाबाद के एसएसपी अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि कल यहां से ट्रेन निकलने वाली है हमने यहां पर मॉक ड्रिल की है और जगह-जगह सुरक्षा के उपायों को देखा है।चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रहेगी।
इस प्रेसिडेंशियल ट्रेन में दो विशेष बोगी (स्पेशल कोच) लगाई गई हैं, जिनमें बुलेटप्रूफ शीशे लगे हैं। इस ट्रेन में पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगा है. सुरक्षा के मद्देनजर इस ट्रेन के आगे एक खाली इंजन भी दौड़ेगा, जिससे इस बात की जानकारी मिल सके कि ट्रैक में कोई दिक्कत तो नहीं है। रेलवे लाइन के दोनों तरफ पुलिस का सख्त पहरा भी रहेगा।
प्रेसिडेंशियल ट्रेन की यात्रा के दौरान रेलवे ट्रैक के किनारे आवारा जानवरों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी हादसे से बचा जा सके. यह ट्रेन दिल्ली से शुक्रवार की दोपहर 1:30 बजे रवाना होगी और शाम 4:00 बजे के करीब टूंडला, फिरोजाबाद होते हुए 7:00 बजे कानपुर पहुंचेगी। 2 दिन के विभिन्न कार्यक्रमों के बाद सोमवार को महामहिम राष्ट्रपति इसी ट्रेन से कानपुर से सुबह 10:20 से लखनऊ पहुंचेंगे।
राष्ट्रपति कोविंद 25 जून को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन से कानपुर के लिए रवाना होंगे। आगरा के रेलवे पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि इस स्पेशल ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था में एनएसजी कमांडो, बम निरोधक दस्ता, फायर ब्रिगेड, सीआरपीएफ और 200 से अधिक जवानों को लगाया जाएगा।
फिरोजाबाद के लोगों में भारी उत्साह है, वह अपने आप को इस बात में भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि भारत के राष्ट्रपति ट्रेन से जाएंगे। हालांकि ट्रेन के अंदर राष्ट्रपति को वे देख पाएंगे या नहीं ये तो समय बताएगा, लेकिन उन्हें प्रेसिडेंशियल ट्रेन देखने का ही काफी उत्साह है। हालांकि सुरक्षा बेहद कड़ी रखी जाएगी ताकि कोई भी रेल ट्रैक के आसपास ना जा सके।
इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति स्कूल के दिनों और समाजसेवा के शुरुआती दिनों के अपने पुराने परिचितों के साथ मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति बनने के बाद कोविंद की अपने जन्मस्थान की यह पहली यात्रा होगी। हालांकि वह पहले भी यात्रा करना चाहते थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते ऐसा नहीं हो सका।
बयान में कहा गया है, ‘ट्रेन कानपुर देहात के झिंझक और रुरा में दो जगह रुकेगी, जहां राष्ट्रपति स्कूल के दिनों और समाजसेवा के शुरुआती दिनों के अपने पुराने परिचितों से मुखातिब होंगे।’ बयान के अनुसार ये दोनों जगह कानपुर देहात में राष्ट्रपति के जन्मस्थान परौंख गांव के निकट हैं। यहां 27 जून को उनके सम्मान में दो समारोहों का भी आयोजन किया जाएगा
पंद्रह साल के अंतराल के बाद कोई निवर्तमान राष्ट्रपति ट्रेन में सफर करेगा। इससे पहले साल 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने ट्रेन में सफर किया था। वह भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के कैडेट की पासिंग आउट परेड में शरीक होने के लिए विशेष ट्रेन से दिल्ली से देहरादून गए थे।
बयान में कहा गया है कि कोविंद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की दो दिवसीय यात्रा के लिए 28 जून को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रवाना होंगे। 29 जून को वह विशेष उड़ान से नई दिल्ली लौटेंगे।

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