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जिले में सड़क-जाम से लोग त्रस्त, ट्रैफिक पुलिस “आपदा को अवसर” बनाने में व्यस्त!

धनबाद:- प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर “आपदा को अवसर” में तब्दील करने के लिए लोगों ने अपने अपने तरीके से इसे परिभाषित कर रखा है। ऐसे में धनबाद जिला यातायात पुलिस भी भला मौके को हाथ से कैसे निकलने देती? उसने भी “आपदा को अवसर” में तब्दील कर लिया।
हालात यह है कि जिला यातायात पुलिस में पदस्थापित कुछ जवानों ने मास्क जांच को अपनी दिनचर्या में शामिल कर अवैध उगाही का ‘धंधा’ बना लिया है। इस नजारे को किसी भी कार्य अवधि में जिले की सड़कों व चौक-चौराहे पर खुलेआम देखा जा सकता है। वही शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदहाल व ध्वस्त हो चुकी है।

शहर के सरायढेला स्टील गेट, पुलिस लाइन मेन रोड, हटिया मोड़, स्टेशन रोड, श्रमिक चौक, गया पुल सुभाष चौक, बिरसा मुंडा चौक, बैंक मोड़ जेपी चौक, पुराना बाजार शक्ति मंदिर रोड जैसे अनेक स्थानों पर जिला यातायात पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए तैनात तो है, परंतु अवैध उगाही की लत उन्हें इतनी बुरी तरह जकड़े हुए हैं कि…. सड़कों पर ट्रैफिक जाम रहे तो कोई बात नहीं…. उनके पॉकेट में रिश्वत की रकम जरूर आनी चाहिए।

सोमवार की दोपहर नया बाजार ओवरब्रिज पर एक कार को कमर्शियल वाहन 407 ने पीछे से टक्कर मार दिया। बस दोनों गाड़ी के चालक वहीं पर वाहन रोक कर आपस में तूतू- मैंमैं करने लगे। जिसके बाद नया बाजार ओवर ब्रिज, पूजा टॉकीज तथा स्टेशन रोड में वाहनों की लंबी कतार लग गई। जबकि जल्दबाजी के फिराक में वाहन इधर-उधर से निकलने लगे।

जिससे सड़क पर पूरी तरह यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई और जाम लग गया। यह जाम घंटों लगा रहा। परंतु यातायात पुलिस के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। शायद वह मोदी के वक्तव्य का अनुसरण करते हुए “आपदा में अवसर” तलाशते रहे।

ऐसे में प्रत्येक दिन शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति से लोग ट्रस्ट दिखते हैं। जबकि यातायात व्यवस्था को देखने वाली पुलिस मास्क व हेलमेट की जांच में व्यस्त दिखती है। इस बाबत जिला यातायात पुलिस खानापूर्ति के लिए सरकार द्वारा दी गई वाहनों पर सायरन बजाते हुए मटरगश्ती करते जरूर दिखते हैं। लेकिन सड़क जाम से छुटकारा दिलाने के लिए कोई सार्थक पहल जिला यातायात पुलिस के तरफ से नहीं किया जाता है।

वहीं कोयलांचल की सड़कों पर गाड़ियों के बढ़ती संख्या को देखते हुए जल्द ही जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी संज्ञान नहीं लेंगे, तो सड़कों पर जाम की स्थिति लोगों के लिए स्थायी रूप से परेशानी का सबब बन जाएगा।

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