June 13, 2021

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पटना HC का बिहार सरकार को निर्देश- कोरोना को लेकर राज्यस्तरीय प्रोटोकॉल करें विकसित

पटना:- पटना उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को कोविड-19 पर राज्यस्तरीय प्रोटोकॉल विकसित करने और इस बीमारी से निपटने के बारे में स्थानीय भाषा में लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस. कुमार की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक तथा अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि आम लोगों को सरल और स्थानीय भाषा में कोरोना से निपटने के उपायों के बारे में जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए अभी बिहार में केंद्र सरकार का प्रोटोकॉल जो टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीटमेंट फार्मूला अपनाया गया है लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है आम लोगों को उनकी ही भाषा में कोरोना के बारे में जानकारी देना।
न्यायाधीशों ने कहा कि अनपढ़ लोगों में कोविड के बारे में जानकारी कम है। वे एक तरफ महामारी और दूसरी तरफ लॉकडाउन को देख असमंजस में हैं। उन्होंने कहा कि इस बाबत बिहार सरकार एक राज्य स्तरीय प्रोटोकॉल विकसित करे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जो भी युवा कोरोना सेंटर्स में सेवा देने के इच्छुक हैं उनके लिए कैप्सूल ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाए जिससे वे योग्य होकर कोरोना सेंटर्स में काम कर सकें।
न्यायाधीशों ने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) को निर्देश दिया कि वे कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। उस बाबत पर्याप्त ऑक्सीजेंन टैंक और भंडार, बेड तथा अन्य उपकरण समुचित मात्रा में तैयार रखें। इसके साथ हीं इमरजेंसी कंट्रोल रूम से सूचना सारे रोगियों के अटेंडेंट को देने की व्यवस्था रखें। न्यायाधीशों ने बिहटा स्थित कोविड अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं और वहां की कमियों के बारे में संबंधित अधिकारियों को विस्तृत हलफनामा देने का भी आदेश दिया।

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