अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

दिवाला विधेयक पर संसद की मुहर , राज्यसभा दिन भर के लिए स्थगित


नयी दिल्ली:- राज्यसभा ने विपक्षी दलों के जबरदस्त हंगामे के बीच आज दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक 2021 ध्वनिमत से पारित कर दिया जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। विपक्ष दलों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही इससे पहले भी बारह और फिर दो बजे तक स्थगित की गयी थी। दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई उप सभापति भुवनेश्वर कलिता ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से विधेयक पेश करने को कहा। इससे पहले कांग्रेस के नेता शक्तिसिंह गोहिल ने विधेयक के विरोध में अपना संकल्प सदन में रखा। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के सदस्य आसने के निकट आकर हंगामा करने लगे। कांग्रेस के सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया। विधेयक पर हंगामे के बीच ही बेहद संक्षिप्त चर्चा करायी गयी जिसके बाद श्रीमती सीतारमण ने अपने संक्षिप्त भाषण में सदस्यों द्वारा व्यक्त चिंताओं का समाधान करने तथा उनके सुझावों पर विचार करने का आश्वासन देते सदन से विधेयक पारित करने की अपील की। सदन ने हंगामे के बीच ही कांग्रेस के नेता शक्तिसिंह गोहिल और अन्य सदस्यों के विधेयक को नामंजूर करने से संबंधित संकल्प को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद सदन ने विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया जिससे इस पर संसद की मुहर लग गयी क्योंकि लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। यह विधेयक गत अप्रैल में इस संबंध में लाये गये अध्यादेश का स्थान लेगा। विधेयक पारित होते ही उप सभापति भुवनेश्वर कलिता ने आसन के निकट नारेबाजी कर रहे सदस्यों से अपनी जगहों पर लौटने की अपील की और कहा कि अभी सदन में दो और महत्वपूर्ण विधेयक आने हैं जो आप लोगों के संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं । सदस्यों पर इसका असर न होते देख और अव्यवस्था बनने के कारण उप सभापति ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।हंगामे के बीच विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए बीजू जनता दल के अमर पटनायक ने कहा कि इस कानून के बनने से देश में व्यापार में सुगमता आयेगी और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम (एमएसएमई) उद्यमों की क्षमता बढेगी तथा उनकी हालत में सुधार होगा।
अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए यह विधेयक बेहद महत्वपूर्ण है और इसे देखते हुए ही सरकार यह विधेयक लेकर आयी है। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढेंगे और अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार होगा।
सीपीएम के जॉन ब्रिटास ने कहा कि इस विधेयक से अर्थव्यवस्था चौपट हो जायेगी और सरकार भी लोकतंत्र को नष्ट करने में लगी है लोगों के फोन टैप किये जा रहे हैं। इस पर उपसभापति ने कहा कि आप विधेयक से अलग विषय पर न बोलें। टीआरएस के बांदा प्रकाश और तेदेपा के के रविन्द्र कुमार ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।
इस बीच विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहने पर श्री पटनायक ने नियम 235 (2) के तहत व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि शोर करने वाले सदस्य दूसरे सदस्यों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। इसका तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन तथा अन्य सदस्यों ने कड़ा विरोध किया जिससे सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोक झोक हुई और सदन में कुछ देर सदस्यों के बीच अच्छी खासी गर्मागर्मी देखी गयी।
श्रीमती सीतारमण ने अपना बेहद संक्षिप्त जवाब शुरू करने से पहले कहा कि सदन में व्यवस्था का प्रश्न उठाने वाले श्री पटनायक को खतरनाक ढंग से घेरा गया जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि शोर शराबा करने वाले सदस्य जब खुद बोलना चाहते हैं तो वह सदन में व्यवस्था चाहते हैं लेकिन जब कोई और बाेलता है तो वे शोर करना शुरू कर देते हैं यह निंदनीय है और सदन को इस हिंसात्मक रूख की कड़ी निंदा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक कोरोना के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए एमएसएमई सेक्टर को उबारने के लिए लाया गया है। यह इन परिस्थितियों का समाधान करेगा और एमएसएमई सेक्टर को इससे कई लाभ होंगे। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने जो चिंता उठायी हैं वह उन्हें समझती है तथा इनका और सदस्यों द्वारा दिये गये सुझावों पर ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे परिस्थिति की गंभीरता को समझें तथा इस विधेयक को पारित करने में सहयोग करें।
विधेयक में एमएसएमई के तहत आने वाले कर्जदार कारोबारियों को पहले से तैयार व्यवस्था (प्री पैकेज्ड) के तहत दिवाला निपटान प्रक्रिया की सुविधा मिलेगी। महामारी के कारण उत्पन्न संकट को कम करने के लिये अनेक उपाए किये गये हैं जिसमें अन्य बातों के साथ निगम दिवाला प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिये व्यक्तिक्रम की न्यूनतम रकम एक करोड़ रूपये से बढ़ाना शामिल है। विधेयक में लाये गये संशोधन का उद्देश्य कोड के तहत एमएसएमई के रूप में कॉर्पोरेट व्यक्तियों को वर्गीकृत करने के लिए एक कुशल वैकल्पिक इनसॉल्वेंसी संकल्प ढांचा उपलब्ध कराना है, ताकि सभी हितधारकों के लिए त्वरित, लागत प्रभावी और अधिकतम मूल्य परिणामों को सुनिश्चित किया जा सके और यह काम ऐसे तरीके से किया जा सके, जो एमएसएमई व्यवसायों की निरंतरता में कम से कम अवरोध पैदा करे और नौकरियों को संरक्षित करें।

%d bloggers like this: