January 19, 2021

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बिहार में प्रदर्शन से खुश ओवैसी बोले- अब मैं पश्चिम बंगाल, UP और देश में हर चुनाव लड़ूंगा

नई दिल्ली:- बिहार विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांच सीटें जीतने के बाद उत्साहित AIMIM अब उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी अपने पांव पसारने के लिए उत्सुक है। मंगलवार रात मीडिया को संबोधित करते हुए AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पार्टी पूर्वी राज्य के सीमांचल क्षेत्र में न्याय की लड़ाई लड़ेगी। भाजपा का विरोध करने वाली पार्टियों के वोट बांटने के आरोप पर ओवैसी ने कहा कि वह एक राजनीतिक पार्टी चला रहे हैं और पार्टी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। उनसे जब यह पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी अन्य राज्यों में भी चुनाव लड़ेगी तो उन्होंने कहा कि आपका मतलब है कि हमें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। आप (कांग्रेस) महाराष्ट्र में शिवसेना की गोद में जा बैठे। क्या किसी ने पूछा कि आप चुनाव क्यों लड़ते हैं, मैं पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और देश में हर चुनाव लड़ूंगा। मुझे क्या चुनाव लड़ने के लिए किसी से मंजूरी लेने की जरूरत है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या इन स्थानों पर पार्टी अकेले या अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी।

ओवैसी ने कहा कि AIMIM 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी। यह तो समय ही बताएगा कि हम किसके सहयोगी होंगे। बिहार चुनाव में AIMIM को पश्चिम बंगाल के नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा कथित तौर पर वोट कटवा पार्टी बोलने पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि उन्होंने (चौधरी ने) अपने विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिमों के लिए क्या कल्याणकारी काम किए हैं। उन्होंने कहा कि AIMIM पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ेगी, AIMIM बंगाल आ रही है।” कांग्रेस और अन्य पार्टियां AIMIM को भाजपा की ‘बी टीम’ बताती है और भाजपा विरोधी पार्टियों का वोट बांटने के लिए ओवैसी की आलोचना करती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ओवैसी की AIMIM ने बिहार विधानसभा के तीसरे चरण के चुनाव में सीमांचल क्षेत्र में राजद नीत महागठबंधन के वोटों को भारी संख्या में प्रभावित किया।

ओवैसी की पार्टी बिहार में 20 सीटों पर चुनाव लड़ी, इनमें से ज्यादातर पर तीसरे चरण में सात नवंबर को मतदान हुआ था। AIMIM ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट’ का हिस्सा है। इस गठबंधन का हिस्सा उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में चार करोड़ से ज्यादा मत डाले गए और इनमें से 1.24 फीसद वोट एआईएमआईएम को मिले हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा था और उसे सिर्फ 0.5 फीसदी मत ही हासिल हो पाये थे। वहीं AIMIM का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में भी अच्छा नहीं रहा था। तेलंगाना और बिहार के अलावा महाराष्ट्र में पार्टी के पास दो विधायक और एक सांसद है।

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