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कोविड जांच के लिए उपलब्ध ट्रूनेट मशीन से टीबी मरीजों को भी चिह्नित करने का दिया गया आदेश

पटना:- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आज कहा कि कोविड जांच के लिए उपलब्ध ट्रूनेट मशीन से टीबी (यक्ष्मा) मरीजों को भी चिह्नित करने का आदेश दिया गया है ।
श्री पांडेय ने मंगलवार को कहा कि कोविड जांच के लिए उपलब्ध कराए गए ट्रूनेट मशीन के कारण टीबी के मरीजों को चिह्नित करना अब पहले से और अधिक आसान हो गया है । उन्होंने कहा कि इसको ध्यान में रखकर ट्रूनेट मशीन का कोविड-19 की जांच के साथ-साथ टीबी एवं रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंस टीबी जांच में उपयोग करने का आदेश दिया गया है। इसको लेकर इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना के साथ ही पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (पीएमसीएच) और राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों के प्राचार्य तथा सिविल सर्जन को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के अब कम होने पर राज्य में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टीबी के रोगियों की पहचान बढ़ाने की पहल की गयी है । उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिहार मेडिकल सर्विसेस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) और कॉरपोरेट-सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत जिलों के विभिन्न अस्पतालों को कुल 170 ट्रूनेट मशीन कोविड 19 जांच के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। इन मशीनों द्वारा कोविड के अलावा टीबी एवं रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंट टीबी की भी जांच की जा सकती है ।
श्री पांडेय ने कहा कि राज्य यक्ष्मा भंडार एवं जिला यक्ष्मा केंद्रों में टीबी एवं रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंट टीबी जांच के लिए आवश्यक चिप्स पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में राज्य के अंतर्गत कोविड टेस्टिंग के लिए आरटीपीसीआर, रैपिड एंटीजेन टेस्ट एवं डायग्नोस्टिक मोबाइल वैन की पर्याप्त क्षमता को देखते हुए चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पतालों, जिला यक्ष्मा केंद्रों में उपलब्ध सभी ट्रूनेट मशीन की संलग्न सूची के अनुसार संस्थानों में ट्रूनेट मशीन लगाने के निर्देश दिए गए हैं । जिला स्तर पर एक मशीन से आवश्यकतानुसार कोविड जांच तथा अन्य संस्थानों में ट्रूनेट के जरिए टीबी एवं रिफाम्पिसिन रेजिस्टेंट टीबी की जांच करने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टीबी की जांच के लिए सूची के अनुसार ट्रूनेट मशीन लगाने एवं अधिकतम क्षमता तक उपयोग के लिए जिला स्तर पर अपर उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, संचारी रोग, यक्ष्मा तथा प्रखंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष उत्तरदायी बनाए गए हैं । उन्होंने कहा कि सरकार के इस प्रयास से राज्य में टीबी मरीजों की पहचान की संख्या बढ़ेगी एवं मरीजों का बेहतर उपचार हो सकेगा।

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