January 23, 2021

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जम्मू-कश्मीर में बर्ड फ्लू की कोई रिपोर्ट नहीं

श्रीनगर:- जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि प्रदेश में अब तक बर्ड फ्लू की कोई रिपोर्ट नहीं है,इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं हैं।
प्रशासन ने हालांकि केंद्र शासित प्रदेश में इनफ़्लुएंज़ा की रोकथाम के लिए पॉल्ट्री मालिकों, डीलरों, खुदरा विक्रेताओं तथा उपभोक्ताओं समेत सभी पक्षों के लिए परामर्श जारी की है।
पशु, भेड़ और मत्स्य पालन मामलों के तकनीकी अधिकारी डाॅ. आरिफ बशीर ने परामर्श जारी करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के पड़ोसी राज्यों में बर्ड फ्लू के प्रसार के मद्देनजर, पोल्ट्री किसानों को खेतों में जैव-सुरक्षा उपायों में सुधार करने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि चूंकि प्रदेश में अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है इसलिए घबराने तथा पॉल्ट्री उत्पादनों के खाने पर रोक लगाने की जरुरत नहीं है।
इस बीच, डॉक्टर्स एसोसिएशन कश्मीर (डीएके) ने विभिन्न राज्यों में बर्ड फ्लू पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सही तरीके से पकाया गया मुर्गी का मांस खाना सुरक्षित है।

प्रदेश में विभिन्न उत्तरी राज्यों विशेषकर पंजाब से करोड़ों रुपये का पॉल्ट्री उत्पादों का आयात करता है।
डाॅ. बशीर ने कहा कि खेत परिसर के अंदर और आसपास किसी भी कृत्रिम तालाब और छोटे जलाशयों की अनुमति न दें जो जंगली पक्षियों को आकर्षित कर सकते हैं तथा पोल्ट्री के लिए जोखिम भरे हैं। साथ ही,खेत, परिसर और शेड को वनस्पति मुक्त रखें, नियमित रूप से क्षेत्रों को साफ करें तथा चारा आपूर्ति और पानी रखें ताकि पोल्ट्री को संरक्षित रखा जा सके क्योंकि ऐसा ना करने पर खमियां जंगली पक्षियों और प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करते हैं।
उन्होंने कहा कि मृत पक्षियों को खुले में नहीं फेंका जाना चाहिए और उन्हें जमीन में जलाया या दफन किया जाना चाहिए। मुर्गी पालकों को सलाह दी जाती है कि वे पोल्ट्री ऑफल्स का सावधानीपूर्वक और निर्धारित स्थानों पर निपटान करें और खुले में उनके माध्यम से न जाएं।
डाॅ. बशीर ने कहा कि ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है कि ठीक से तैयार और पकाया हुआ पोल्ट्री फूड से बर्ड फ्लू फैल सकता है क्योंकि वायरस गर्मी के प्रति संवेदनशील है तथा खाना पकाने के तापमान में मर जाता है।
डीएके के अध्यक्ष और इन्फ्लूएंजा विशेषज्ञ डाॅ. निसार उल हसन ने कहा,“पोल्ट्री या पोल्ट्री उत्पाद खाने से इस बीमारी का कोई जोखिम नहीं है क्योंकि बर्ड फ्लू पकाया भोजन के माध्यम से होता नहीं होता है।”
उन्होंने कहा,“आज तक कोई सबूत नहीं है कि दूषित पोल्ट्री मांस खाने के बाद लोग संक्रमित हो गए हैं जो ठीक से पकाया गया हो।” उन्होंने कहा कि बीमारी से मुक्त क्षेत्रों में मुर्गी पालन हमेशा की तरह तैयार और उनका उपयोग किया जा सकता है।

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