April 17, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

नहीं रहे पलामू के आखिरी स्वतंत्रता सेनानी नीलकंठ सहाय, 99 वर्ष की उम्र में हुआ देहांत

20 साल की उम्र में सन 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में पहली बार गए थे जेल

डालटनगंज:- झारखंड में पलामू जिले के आखिरी स्वतंत्रता सेनानी नीलकंठ सहाय का डालटनगंज स्थित छः मुहान के पास स्थित उनके आवास में गुरुवार को देहांत हो गया। वे 99 वर्ष के थे। वे अपने पीछे पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं। निधन की सूचना मिलते ही पलामू में शोक की लहर है। दोपहर बाद बड़ी संख्या में लोग नीलकंठ सहाय के शव के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर पहुंचे। सोशल मीडिया पर उन्हें शोक संवेदना देने का सिलसिला तेज हो गया है। झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी समेत विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्त्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानी के घर पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। जिले के उपायुक्त शशि रंजन तथा पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने नीलकंठ सहाय जी के आवास में अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
बताते चलें कि नीलकंठ सहाय का जन्म 22 दिसंबर 1922 को डालटनगंज के अमलाटोली में हुआ था। उनके पुत्र अमित सहाय ने बताया कि पिताजी की तबीयत पिछले एक सप्ताह से खराब थी। उन्होंने आज दिन के करीब एक बजे आखिरी सांस ली।
नीलकंठ सहाय स्वतंत्रता आंदोलन में काफी सक्रिय थे। 20 साल की उम्र में सन 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के वक्त 11 अगस्त 1042 को रांची में गिरफ्तार हुए थे। जिसके बाद वे रांची एवं हजारीबाग जेल में बंद रहे। सन 2012 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के द्वारा उन्हें 90 साल की उम्र में सम्मानित किया गया था। आजादी के बाद सन् 1947 में रांची पीडब्ल्यूडी ( लोक निर्माण विभाग) में उन्होंने नौकरी की शुरुआत की थी, वे सन् 1954 में गढ़वा आ गये थे एवं उसी विभाग से सेवानिवृत्त हुए।

2012 में मिला था राष्ट्रपति से सम्मान

स्वतंत्रता सेनानी नीलकंठ सहाय 9 अगस्त 2012 (क्रांति दिवस) पर तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणण मुखर्जी द्वारा सम्मानित किये गये थे। 1981 में सेवानिवृत्ति के बाद अपने पुत्र और पत्नी के साथ डालटनगंज में रह रहे थे। वर्तमान में उन्हें पेंशन मिलता था. उनकी पत्नी पार्वती सहाय (90वर्ष) का साथ अभी तक उनको पूरी तत्परता से मिल रहा था। उनके पुत्र अमित सहाय और दो बेटी निम्मी सहाय और निभा सहाय है। पिता और माता के देखभाल की सोच के कारण उनके पुत्र ने अब तक शादी नहीं की।

Recent Posts

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: