डेथ ओवरों में योजनाएं बेहतर तरीके से लागू करने की आवश्यकता : द्रविड़

इंदौर:- भारतीय क्रिकेट टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने कहा है कि टीम को डेथ ओवरों में सुधार करने के लिये अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करना होगा।

भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 शृंखला में लगातार दूसरी बार 200 से अधिक रन दिये। डेथ ओवरों में भारत की गेंदबाजी एक बार फिर विस्मरणीय रही और प्रोटियाज ने अंतिम पांच ओवरों में 73 रन जोड़ते हुए 20 ओवर में 227 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

द्रविड़ ने अपने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि “सपाट विकेटों” पर गेंदबाजी करना आसान नहीं है और भारत के खिलाफ खेलने वाली टीमों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ा था।

द्रविड़ ने यहां मंगलवार को मैच के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “जाहिर है, आप (खेल के) सभी विभागों में बेहतर करने की कोशिश करते हैं। निश्चित रूप से डेथ बॉलिंग में भी, लेकिन अगर आप निष्पक्ष होकर देखें तो यह बहुत सपाट विकेट हैं। यहां अंतिम ओवरों में गेंदबाजी करना आसान नहीं है। केवल हमारी टीम के लिए नहीं, बल्कि दूसरी टीम के लिए भी। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ऐसी टीमें हैं जिनके गेंदबाजी आक्रमण के पास बहुत अनुभव है, और उन्होंने भी अंतिम ओवरों में संघर्ष किया है।”

उन्होंने कहा, “लेकिन हां, मुझे लगता है कि हमें उन्हें नहीं खुद को देखना होगा। हमें यह देखना होगा कि हम कैसे सुधार कर सकते हैं और बेहतर हो सकते हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां हम निश्चित रूप से सुधार करना पसंद करेंगे। हम जानते हैं कि जब आप इन बड़े टूर्नामेंटों को खेलते हैं, तो गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। हर रन, बाउंड्री मायने रखती है। अगर हम उन्हें खेल के किसी भी चरण में रोक सकते हैं, तो यह निश्चित रूप से एक अंतर बनायेगा।”

कोच द्रविड़ ने मध्यम गति के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल की खराब फॉर्म पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि गेंदबाजों को टीम की योजनाओं को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से, वह अकेले नहीं हैं। कुल मिलाकर डेथ (ओवरों) में सभी को सुधार करने की आवश्यकता है। कभी-कभी हमारे पास कुछ अच्छी योजनाएं और रणनीतियां होती हैं लेकिन इसका बहुत हद तक निष्पादन नहीं हो पाता। इसलिए, मैं हर्षल को व्यक्तिगत रूप से बाहर नहीं करूंगा। हमें एक समूह के रूप में बेहतर करने की जरूरत है।”

चोट से लौटने के बाद हर्षल विकेट लेने और रनों को रोकने में विफल रहे हैं। हरियाणा के इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में सिर्फ एक विकेट लिया, जबकि 8 ओवर में 99 रन दिए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने पहले मैच में 26 रन के बदले दो विकेट लेकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन अगले दो मैचों में आठ ओवर में बिना विकेट चटकाये 89 रन दिए।

द्रविड़ ने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि यह एक चिंता का विषय है। मैंने पहले भी इस सवाल का जवाब दिया है। वह ऐसा व्यक्ति रहा है जिसने पिछले कुछ वर्षों में अच्छी गेंदबाजी की है। वह खेल से डेढ़ महीने दूर रहकर वापस आ रहा है। छह सप्ताह तक नहीं खेलने के बाद गेंदबाजी करना आसान नहीं है। हम उसका समर्थन करते हैं। हम जानते हैं कि उसके पास गुणवत्ता और क्षमता है।”

द्रविड़ ने एशिया कप के बाद से तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर कहा, “हमें निश्चित रूप से लड़कों पर भरोसा है। जब आप उस समूह को देखते हैं जिसे हम ऑस्ट्रेलिया ले जाएंगे, तो उन सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, और डेथ ओवरों में भी अच्छा किया है। हमें सिर्फ अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने की जरूरत है, और उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया में समय आने पर अपनी योजनाओं को क्रियान्वित कर सकेंगे।”

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