गिरिडीह:- गिरिडीह जिने में माओवादियों ने दो बड़ी घटना को अंजाम दिया है। वर्षो की लंबी चुप्पी के बाद नक्सलियों ने प्रतिरोध सप्ताह के दूसरे दिन गिरिडीह जिले में बराकर नदी पर बारागढ़ा और लुरंगो के बीच 13 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल को विस्फोटक लगाकर उड़ा दिया, जबकि नक्सलियों जलापूर्ति योजना के ट्रांसफार्मर में विस्फोट कर पेयजलापूर्ति व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया।
एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मुफस्सिल थाना और डुमरी थाना के सीमा नक्सलियों ने करीब ढ़ाई बजे रात में एक पुल को उड़ा दिया। यह पुल 18 वर्ष में मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पुल कर तैयार हुआ था।
वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय से महज 7 किमी दूर बाबा दुखिया महादेव धाम में 25 करोड़ के लागत से बने ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना को नुकसान पहुंचाया गया है।
नक्सलियों ने प्रतिरोध सप्ताह के तहत कल दो मोबाइल टाबर को नष्ट किया था। इस घटना के बाद गिरिडीह जिले में नक्सलियों की धड़पकड़ के लिए पुलिस अभियान तेज कर दिया गया है ।अपने नेता की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों ने पूरे राज्य में एक सप्ताह का प्रतिरोध सप्ताह मनाने की घोषणा की है । 27 जनवरी को बिहार झारखण्ड बन्द की भी घोषणा की है ।
यह भी ज्ञातव्य हो कि 21 जनवरी से झारखंड बिहार में छह दिवसीय प्रतिरोध दिवस मना रहे हैं। उसने 27 जनवरी को झारखंड-बिहार बंद करने की घोषणा रखी है। नक्‍सलियों के तेवर को देखते हुए आने वाले दिनों में भी इस तरह की अन्‍य घटना को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है।

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