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मरुधरा जैसलमेर में राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित


जैसलमेर:- देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को 74वें सेना दिवस पर जैसलमेर में सेना के युद्ध संग्रहालय के पास पहाड़ी की चोटी पर खादी से बना सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया गया। खादी से निर्मित 225 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज है। बैटल एक्स डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल योगेंद्र सिंह मान ने झण्डे को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में आर्मी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जैसलमेर वायुसेना स्टेशन कमांडर ग्रुप कैप्टन ए एस पन्नू भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर और लेह के बाद जैसलमेर तीसरा वह स्थान है, जहां सबसे बड़ा खादी का ध्वज लगाया गया। ध्वज को लगाने के लिए पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं।
स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज 225 फीट लंबा, 150 फीट चौड़ा और वजन (लगभग) 1400 किलोग्राम है। इस झंडे को तैयार करने में 70 खादी कारीगरों को 49 दिन लगे। स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण ने खादी कारीगरों और संबद्ध कामगारों के लिए मानव घंटे के अतिरिक्त काम का सृजन किया है। झंडे को बनाने में 4500 मीटर हाथ से काते, हाथ से बुने हुए खादी कॉटन बंटिंग का इस्तेमाल किया गया है।
स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज, जो भारतीयता की सामूहिक भावना और खादी के विरासत शिल्पकला का प्रतीक है, को खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) द्वारा स्वतंत्रता के 75 साल के ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने के लिए तैयार किया गया है। केवीआईसी ने ऐतिहासिक अवसरों पर प्रमुख स्थानों पर इसे प्रदर्शित करने के लिए रक्षा बलों को ध्वज सौंप दिया है।
गौरतलब है कि भारतीय सेना के शौर्य को सम्मान देने के लिए हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 74वां सेना दिवस मनाया जा रहा है। सेना दिवस के दिन भारतीय सेना की वीरता, सेना के अदम्य साहस और देश के लिए सेना की कुर्बानी को याद किया जाता है। जैसलमेर में आयोजित इस विशिष्ट अवसर पर सेना के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे। जैसलमेर में लगने वाले इस ध्वज की यह विशिष्टता है की इसे खादी ग्रामोद्योग ने तैयार किया है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित जैसलमेर जिले में स्थित सेना के युद्ध संग्रहालय के नज़दीक खादी के कपडे से बना सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज, 74वें सेना दिवस के अवसर पर लगाया जाएगा। जैसलमेर 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक लड़ाई का मुख्य केंद्र था। 2 अक्टूबर 2021 को लेह में इसके अनावरण के बाद से यह राष्ट्रीय ध्वज का 5वां सार्वजनिक प्रदर्शन होगा। इसे बाद में 8 अक्टूबर 2021 को वायु सेना दिवस के अवसर पर हिंडन एयरबेस पर और 21 अक्टूबर को लाल किले में प्रदर्शित किया गया था। 4 दिसंबर 2021 को, नौसेना दिवस मनाने के लिए मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास नौसेना डॉकयार्ड में स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया गया था।

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