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मुंबई के प्रोफेसर ने खेल दिवस पर खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया


रांची:- आभाव एवं गरीबी में पल कर खुद से यत्र तत्र रहकर अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने वाले एक दर्जन जिला के खिलाड़ियों को मुंबई के प्रोफेसर अरुण रॉय जी एवम उनके परिचितों की टीम ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर विभिन्न खेलो के 12 खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार देकर भविष्य निर्माण के लिए शुभकामनाएं दी।
पिछले दिनों पौष्टिक आहार के अभाव में माढ भात खाने पर मजबूर खेल सेंटरों के खिलाड़ियों की अखबारों में छपी खबर पढ़कर मुबई के प्रोफेसर अरुण राय जीने उन्हें मदद करने की सोची और सिमडेगा के पत्रकार नरेंद्र अग्रवाल से संपर्क साधा। उनसे मोबाइल नंबर लेकर हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी से बात की और उनकी मदद करने की बात की और कुछ खिलाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार के समान भेजा । इसी बीच अखबारों का खबर पर मुख्यमंत्री जी ने भी संज्ञान लेते हुए झारखंड सरकार द्वारा संचालित खेल प्रशिक्षण केंद्रों के खिलाड़ियों के अकाउंट में पौष्टिक आहार के लिए राशि भेज दी। इस पर प्रोफेसर अरुण राय ने हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज से बातचीत कर जिन्हें सरकार से कोई सुविधा नहीं मिल पाती है उन खिलाड़ियों को मदद करने के लिए सूची और आज राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन 12 खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार दी।
प्रो अरुण जी की डॉक्टर बेटी स्वाधा राय और मेघा राय, अलका जैन और शुभम जैन , यूएसए से सौम्य सरकार, मुम्बई के ही डॉक्टर ग्लेन मॉक्रेनहास और साधना पवन राय ने उनका सहयोग किया। पौष्टिक आहार में सोयाबीन का आटा, राजमा, चना, हरा मूंग, सरसों तेल, खजूर, बादाम,चना, सहित कई वस्तुएं शामिल थीं। 12 खिलाड़ियों को सामग्री प्रदान की गई। साथ ही एक एक हॉकी बॉल भी दिया गया। बच्चे बच्चियों को पौष्टिक आहार वितरण कार्यकम के दौरान वे परोपकारी लोग भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ऑनलाइन जुड़े रहे जिन्होंने सामग्री उपलब्ध कराई। डिवाइन होंडा शो रूम में आयोजित कार्यक्रम में हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष सहित कोषाध्यक्ष कमलेश्वर माझी ने बच्चों को पौष्टिक आहार सौंपा। इनके अलावा हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह और भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान एवं कोच रह चुकीं असुंता लकड़ा भी कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुडे और बच्चों का हौसला बढ़ाया। साथ ही प्रो अरुण राय और उनके साथियों को झारखंड की हाकी प्रतिभाओं की मदद के लिए आगे आने को लेकर धन्यवाद दिया। साथ ही आने वाले समय मे अपना हरसंभव योगदान की बात कही।
आयोजन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़ी रांची की डॉक्टर ममता ने बच्चे बच्चियों को पौष्टिक आहार के बारे जानकारी दी। उपलब्ध कराई जा रही सामग्री के उपयोग, गांव में आसानी से मौजूद मड़ुआ के आटा, चकोड़ साग, रुगड़ा,मशरूम सहित अन्य उपलब्ध खाद्य सामग्री से शरीर को खेल के लिए फिट रखने की जानकारी दी और भविष्य में भी जानकारी देने की बात कही,रांची से डॉक्टर राजचंद्र झा ने भी खिलाड़ियों को आवश्यकता होने पर इलाज और दवाओं की मदद की बात कहते हुए कहा कि प्रतिभावान बच्चे किसी भी तरह गरीब नहीं, उन्हें प्रोत्साहन और जरूरी सहयोग देने की जरूरत है।
बैंकाक की डॉक्टर मनीषा बोस ने हॉकी प्रतिभाओं के लिये अंग्रेजी का ज्ञान जरूरी बताया ताकि अंतरराष्ट्रीय दौरे के क्रम में अपने खेल को और बेहतर कर सकें। उन्होंने कहा कि वे सिमडेगा के हॉकी खिलाड़ियों को ऑनलाइन अंग्रेजी पढ़ाना चाहती हैं। इसका हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने स्वागत करते हुए कहा कि जल्द ही उनकी सेवा का लाभ बच्चों तक पहुंचाया जाएगा।
इन 12 खिलाड़ियों में हॉकी के 06 खिलाड़ी विशाल लाकड़ा, कुलदीप बरला ,संजीत एका, निशांत निज, अनमोल टेटे, निशांत बेक विभिन्न सुदूरवर्ती इलाके के हैं एवम आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है, और ये हॉकी सिमडेगा के संरक्षण में जिला मुख्यालय में रहकर हॉकी का प्रशिक्षण लेते हैं अपने से घर से चावल दाल इत्यादि लाकर भोजन का खर्च वहन करते हैं खुद खाना बनाकर पदाई एवम हॉकी भी सीखते है।बाकि सुविधाएं यथा संभव हॉकी सिमडेगा देती है और सभी कोई राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुके हैं और राज्य के लिए पदक भी जीत चुके हैं।
मरियम सोरेन हॉकी खिलाड़ी जिसके माता-पिता नहीं है और पूर्व में बरियातू हॉकी सेंटर में थी लेकिन इंटर के बाद निकाल देने के बाद रांची में कुछ दोस्तों के साथ किराए के मकान में रहकर हॉकी खेलती है उसके खर्च का वहन आर्थिक अभाव एवम माता-पिता नहीं रहने के कारण कोई रिश्तेदार कर देता है जिससे खर्च चलता है यह कई राष्ट्रीय पक्षी गीता में झारखंड टीम की प्रतिनिधित्व कर चुकी है।
हॉकी खिलाड़ी कुनूल भेंगरा और अल्पसंख्यक समुदाय की रूमाना खातून जिनके पिता ऑटो चलाते हैं यह दोनों भी इंटर लिखने के बाद आवासीय खेल सेंटर से निकाल दिए जाने के बाद अपने घरों में हिलाकर हॉकी की प्रैक्टिस करते हैं।ये दोनो भी कई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य के लिए पदक जीत चुके है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से निकली सरस्वती कुमारी जो राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती प्रतियोगिता में राज का पति जो भी कर चुकी है तथा पिता का साया खो चुकी अंशु लकड़ा जो भी प्रतिमावन कुश्ती खिलाड़ी है और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में झारखंड के लिए प्रतिनिधित्व कर चुकी है उन्हें भी मदद किया गया।
तीरंदाजी की उभरते हुए खिलाड़ी बबीता मांझी जो बे ग्रामीण इलाके की है और सिमडेगा में दूसरे के घरों में रहकर तीरंदाजी का प्रशिक्षण लेते हुए राज्य राज्य सत्रीय तीरंदाजी की प्रतियोगिता में भाग ले चुकी है उसे भी मदद की गई।
’कार्यक्रम में उपस्थित हॉकी सिमडेगा के मनोज कोनबेगी ने प्रोफेसर अरुण राय का धन्यवाद देते हुए कहा कि सिमडेगा के खिलाड़ियों के लिए वें वर्षों से काम करते आया हूं यहां के खिलाड़ियों की नितांत आवश्यकता ओं की खबर अनेकों बार अखबारों में छपी है लेकिन खेल संघ या सरकार के अलावे आप पहला सदस्य हैं जो इनकी मदद के लिए सामने आए हैं आपके द्वारा किए गए इस सहयोग की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम हैं। यदि इस तरह खिलाड़ियों को सक्षम लोग मदद कर ले शुरू कर दें तो जिला में विभिन्न खेलो के प्रतिभाओं की अंबार है वे पदकों की झड़ी लगा सकते हैं। इन 12बच्चो के अलावा भी आपके द्वारा बरियातू हॉकी सेंटर के 25 हॉकी खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार दिया जा रहा है जिसके लिए भी हम आप का धन्यवाद करते हैं।

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