June 14, 2021

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मुखिया, सरपंच, प्रमुख और जिला परिषद अध्यक्ष ही होंगे परामर्शी समिति के अध्यक्ष: पंचायती राज मंत्री

समस्तीपुर:- बिहार में वर्ष 2016 में गठित त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाएं और ग्राम कचहरियां 15 जून के बाद भंग हो जाएगी। पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके बाद भी पंचायत और ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधि पूर्व की तरह काम करेंगे पर इनका पदनाम बदल जाएगा। उन्होंने बताया कि 16 जून से ये सभी प्रतिनिधि बतौर परामर्शी समिति अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य के रूप में काम करेंगे। इसको लेकर पंचायती राज विभाग ने परामर्शी समिति के गठन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। उन्होंने बताया कि 16 जून से मुखिया संबंधित ग्राम पंचायत की परामर्शी समिति के अध्यक्ष कहलाएंगे। इसी तरह उपमुखिया उपाध्यक्ष एवं ग्राम के वार्ड सदस्य- सदस्य कहलाएंगे। सरपंच संबंधित ग्राम कचहरी की परामर्शी समिति के अध्यक्ष कहलाएंगे। उप-सरपंच उपाध्यक्ष एवं पंच, सदस्य कहलाएंगे,जबकि पंचायत समिति प्रमुख, संबंधित पंचायत समिति की परामर्शी समिति के अध्यक्ष कहलाएंगे। उप-प्रमुख उपाध्यक्ष एवं पंचायत समिति सदस्य, सदस्य कहलायेंगे! इसके अलावा पंचायत समिति के सभी कार्यक्षेत्र के विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा एवं राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य भी समिति के सदस्य होंगे। मंत्री ने बताया कि समिति के कार्यक्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतों के परामर्शी के अध्यक्ष भी इसके सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि जिला परिषद अध्यक्ष, संबंधित जिला परिषद के परामर्शी समिति के अध्यक्ष होगें। वहीं, उपाध्यक्ष एवं जिला परिषद का सदस्य, सदस्य कहलाएंगे। इसके अलावा जिला परिषद के कार्यक्षेत्र के विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा एवं राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य भी परामर्शी समिति के सदस्य होंगे। जिला परिषद के कार्यक्षेत्र के सभी पंचायत समिति के परामर्शी समिति के अध्यक्ष भी इसके सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी की भूमिका प्रखंड विकास पदाधिकारी की होंगी। मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के वेतन एवं भत्ता भी मिलता रहेगा। यह व्यवस्था आगामी चुनाव के बाद त्रिस्तरीय पंचायत के गठन तक जारी रहेगी।

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