May 8, 2021

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गरीबों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में वरदान साबित हो रही मुद्रा योजना : संजय

पटना:- बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने आज कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी मुद्रा योजना गरीबों एवं महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है और इसके तहत अब तक 28.80 करोड़ लोगों के बीच लगभग 15 लाख करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है।
डॉ. जायसवाल ने रविवार को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुद्रा योजना की सफलता के बारे में कहा कि देश के गरीब-गुरबों के लिए आजीविका के नये रास्ते खोलने वाली केंद्र सरकार की महात्वाकांक्षी मुद्रा योजना ने सफलता का एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस योजना के तहत कुल 28.80 करोड़ लोगों के बीच लगभग 15 लाख करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस योजना के लाभार्थियों में 68 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं यानी महिलाओं की आर्थिक उन्नति और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी यह योजना क्रांतिकारी साबित हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में 4.20 करोड़ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) ऋण स्वीकृत किए गए और इसी वित्त वर्ष में 2.66 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए गए। ऋण का औसत आकार लगभग 52000 रुपये है। डॉ. जायसवाल ने कहा कि मुद्रा योजना की इस सफलता का श्रेय छोटे कारोबारियों और देश की मेहनतकश आवाम को जाता है। यह लोग हुनरमंद होने के बावजूद आर्थिक दिक्कतों के कारण आगे नहीं बढ़ पाते थे लेकिन मुद्रा योजना ने इनकी इस समस्या को हल कर दिया और यही वजह है कि इस योजना के लाभार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना का रोजगार-सृजन पर विविध और बेहद प्रभावपूर्ण असर पड़ा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सर्वविदित तथ्य है कि देश में सरकारी नौकरियों की संख्या सीमित है इसीलिए कौशल विकास तथा जरूरी धन के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने से ही बेरोजगारी पर लगाम लगायी जा सकती है। मुद्रा योजना के तहत सरकार यही करने का प्रयास कर रही है। बिना बैंक गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने वाली इस योजना से जहां देश में युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिली है वहीं इससे ऐसे लोगों को भी अपने व्यवसाय के लिए ऋण मिला है, जिनकी बैंकों में पहले कोई पहुंच नहीं थी।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि इस योजना के शुरू होने से पहले ऊंची पहुंच वालों को तो ऋण आसानी से मिल जाया करते थे लेकिन छोटे या नए कारोबारियों को साहूकारों के चक्कर लगाने पड़ते थे। बाद में साहूकारों का ब्याज देने के चक्कर में उनकी पूरी जिंदगी ब्याज के कर्ज में डूब जाती थी। मुद्रा योजना ने उद्यमियों को ब्याजखोर लोगों से बचाया है और यही वजह है कि लोगों को यह विश्वास हो चला है कि अब सरकार हर कदम पर उनके साथ है।

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