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झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र 3 से 9 तक, हंगामेदार होने की संभावना



रांची:- झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र 3 से 9 सितंबर तक आहूत किया जा रहा है। सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है।
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सत्र के सुचारू संचालन को लेकर गुरुवार को विधायक दल के नेताओं के साथ बैठक भी की, लेकिन इस बैठक में मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के किसी भी प्रतिनिधि ने हिस्सा नहीं लिया। जबकि स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, संसदीय कार्य मंत्री सह कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, मंत्री सह आरजेडी विधायक दल के नेता सत्यानंद भोक्ता और निर्दलीय विधायक सरयू राय, आजसू पार्टी के सुदेश कुमार महतो तथा भाकपा-माले के विनोद सिंह सम्मिलित हुए । बाद में पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कह कि कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए विधानसभा सत्र का संचालन होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मॉनसून सत्र का काफी महत्व है।
मॉनसून सत्र को लेकर गुरुवार को पक्ष-विपक्ष के विधायकों की अलग-अलग बैठक हुई। सत्तापक्ष के विधायकों ने जहां जनमुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने का संकेत दिया है, वहीं विपक्षी सदस्यों के धार को कम करने की रणनीति भी बनी। दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कानून व्यवस्था की स्थिति, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते आपराधिक मामले, रोजगार देने में विफलता समेत अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनायी है।
मॉनसून सत्र में चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, वहीं एक लंबे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री प्रश्न काल भी आहूत किया जाएगा।
तीन सितंबर से नौ सितंबर तक चलेगा। साथ ही जो कोरोना से बचाव के दोनों डोज लिया है उसे प्रवेश करने दिया जायेगा। सत्र के पहले दिन 3 सितंबर को राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रमाणित प्रति सभा पटल पर रखा जाएगा और शोक प्रकाश के बाद सभा की कार्यवाही 6 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी। चार और पांच सितंबर को शनिवार और रविवार के कारण अवकाश रहेगा।6 सितंबर को प्रश्नकाल, मुख्यमंत्री प्रश्नकाल, वित्तीय वर्ष 2021-2022 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी का उपस्थापन, 7 सितंबर को प्रश्नकाल, प्रथम अनुपूरक पर सामान्य वाद-विवाद, मतदान, विनियोग विधेयक का उपस्थापन, 8 सितंबर : प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, अन्य राजकीय कार्य और 9 सितंबर : प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, अन्य राजकीय कार्य, गैर सरकारी सदस्यों के कार्य (गैर सरकारी संकल्प) पेश किया जाएगा।

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