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झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, भाजपा विधायकों ने किया विरोध


रांची:- झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत शुक्रवार को भाजपा विधायकों के शोर-शराबे और हंगामे के साथ हुआ। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से सदन में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं दिये जाने का मसला शोक प्रस्ताव के दौरान उठाया गया। भाजपा विधायकों ने कहा कि श्री मरांडी भाजपा विधायक दल के नेता है इसलिए शोक प्रस्ताव पर उन्हें ही बोलने का मौका दिया जाना चाहिए लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के बिरंचि नारायण को यह अवसर दिया जिसका भाजपा सदस्यों ने विरोध किया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने अपने प्रारंभिक संबोधन में कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद आज पहली बार सभी एकत्र हो रहे है और इस विभिषिका में हर किसी ने अपने को खोया है। इस महामारी का भय अब तक खत्म नहीं हुआ है, परंतु अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए यहां एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगस्त क्रांति दिवस की 79वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसे भारत छोड़ो आंदोलन के रूप में जाना जाता है। यह दिवस देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक मील का पत्थर माना जाता है, क्योंकि 8अगस्त 1942 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन की बेड़ियों को तोड़ने और करो या मरो का आह्वान किया था। यह दिवस सभी को महात्मा गांधी के आदर्शां और भारत की आजादी में बलिदान देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों के शौर्य गाथा को मान देने का है। सभी को सदन में स्थापित लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं को मान देना होगा। झारखंड की जनता ने जिस उम्मीद और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए सदन में भेजा है, उनकी उम्मीद और विश्वास पर सभी को खरा उतरना होगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अभी खेलों का महाकुंभ टोक्यो ओलंपिक समाप्त हुआ है, किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलंपिक में हिस्सा लेना ही बहुत बड़ी उपलब्धि होती है और पदक हासिल करना किसी सपने के साकार होने जैसा होता है। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने रजत पदक से शुरुआत की और देश के अभियान का स्वर्णिम सुखांत नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक के साथ हुआ। भारतीय महिला हॉकी टीम ने जिस जज्बे के साथ अपने प्रतिद्वंदी टीम का मुकाबला किया, वह सराहनीय है। इस टीम में झारखंड की दो बेटियां निक्की प्रधान, सलीमा टेटे भी शामिल थी। भारतीय महिला टीम ने पदक की उम्मीद करोड़ों भारतीय जन मानस के मन में जागृत किया, यह किसी पदक से कम नहीं है। उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में भाग लेने वाले देश के उन समस्त खिलाड़ियों का भी अभिनंदन किया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में ऊंची उड़ान भरने के जज्बे को दिखाया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश ने आजादी के 75वें वर्ष में कदम रखा है। यह दिवस देश और राज्य के समस्त वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को सम्मान देने का है, जिनकी वजह से आज सभी पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त होकर आजादी की सांस ले रहे है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में संसदीय प्रणाली को सर्वात्तम स्थान प्राप्त है। इसकी आत्मा विधायिका में ही निहित होती है। विधायिका के माध्यम से जनता अपनी प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार की नीतियों और उसके कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता को भी निभाती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान कोरोना संकट के दौरान यद्यपि झारखंड को विकासोन्मुखी बनाने के लिए कुछ चुनौतियां भी है, जिसका सामना सभी को मिलजुल कर दलगत भावना से उपर उठकर करना होगा। झारखंड की जनता ने सदन के अंदर सत्ता और विपक्ष दोनों को एक सार्थक भूमिका निभाने के लिए अवसर प्रदान किया है। विधायी संस्था की सबलता भी इसी में निहित है कि जब पक्ष और विपक्ष आपस में एकजुट होकर सदन को चलाने में अपनी सहभागिता निभाये।
विधानसभा अध्यक्ष श्री महतो ने मॉनसून सत्र के लिए पीठासीन पदाधिकारियों और कार्यमंत्रणा समिति के गठन भी घोषणा की । झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्टीफन मरांडी, सीता सोरेन, भाजपा के रामचंद्र चंद्रवंशी, विरंची नारायण और कांग्रेस के नमन विक्सल कोंगाड़ी को पीठासीन पदाधिकारी मनोनीत किया गया है, वहीं कार्यमंत्रणा समिति में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो के साथ सदस्य के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम, श्रममंत्री सत्यानंद भोक्ता, भाजपा के सीपी सिंह, आजसू पार्टी के सुदेश महतो और निर्दलीय विधायक सरयू राय के अलावा विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मंत्री चंपई सोरेन, रामेश्वर उरांव, स्टीफन मरांडी, नलीन सोरेन, लोबिन हेम्ब्रम, नीलकठ सिंह मुंडा, प्रदीप यादव, अपर्णा सेनगुप्ता, विनोद कुमार सिंह, पूर्णिमा नीरज सिंह , सरफराज अहमद और रामचंद्र चंद्रवंशी का नाम शामिल है।
मॉनसून सत्र के पहले दिन पिछले सत्र से अब तक की अवधि में दिवंगत होने वाले कई महत्वपूर्ण राजनेता, साहित्यकर, पर्यावरणविद और खिलाड़ियों को याद किया गया। वहीं कोरोना काल में निधन हुए पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और अन्य लोगों के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, भाजपा विधायक विरंची नारायण, कांग्रेस विधायक दल के नेता सह संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम, श्रम मंत्री सह राजद विधायक दल के नेता सत्यानंद भोक्ता, आजसू पार्टी के सुदेश महतो, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कमलेश कुमार सिंह, भाकपा-माले के विनोद कुमार सिंह, निर्दलीय विधायक सरयू राय और अमित कुमार ने भी शोक संवेदना व्यक्त किया। अंत में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए कुछ पलों के लिए मौन रखने के बाद सभा की कार्यवाही सोमवार 6 सितंबर पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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