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मनरेगा आयुक्त ने कार्य की गति को देख जतायी नाराजगी,दिया निर्देश


एक सप्ताह के अंदर अपूर्ण योजनाओं को करें पूर्ण
रांची:- झारखंड की मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी द्वारा मनरेगा योजना एवं रूर्बन के क्रियान्वयन की समीक्षा सभी उप विकास आयुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में मनरेगा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की मनरेगा आयुक्त द्वारा जिलावार विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में अपेक्षाकृत कम प्रगति करने वाले जिलों के डीडीसी को मनरेगा आयुक्त ने कार्य में तेज़ी लाने का निदेश दिया। मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा कार्य का उदेश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करवाना है। मनरेगा आयुक्त ने कहा कि गांव से पलायन नहीं हो, इसे सुनिश्चित करें एवं ऐसा नहीं होने पर जबावदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा आयुक्त के द्वारा सभी लंबित योजनाओं को 1 सप्ताह के अंदर पूर्ण करने का निर्देश दिया। समीक्षा के क्रम में मनरेगा आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी बी ने मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को ससमय मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया और अधिक से अधिक श्रमिकों को एक सौ दिन तक रोजगार मुहैया कराने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मनरेगा से गांव में रोजगार सृजन को लेकर अन्य कई दिशा निर्देश दिया । मनरेगा आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी बी के द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि मनरेगा कार्य में थोड़ी सी भी लापरवाही नहीं हो। उन्होंने मनरेगा से बन रही योजनाओं का स्थल निरीक्षण करने समेत अन्य कई दिशा निर्देश दिए। रिजेक्टेड ट्रांजैक्शन, पीएफएमएस के द्वारा मनरेगा श्रमिकों के रिजेक्टेड खाता अविलंब सुधार करने, शतप्रतिशत योजना का जिओ टैगिंग करने एवं लक्ष्य के अनुरूप गांव में योजना संचालित कर मानव दिवस सृजन करने को लेकर निर्देशित किया। बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को मनरेगा में 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।’
राजेश्वरी बी ने एरिया ऑफिसर ऐप के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को 50-50 चालू योजनाओं का प्रतिमाह निरीक्षण करने एवं उसका प्रतिवेदन ऐप पर अपलोड करने का सख्त निदेश दिया। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में मस्टर रोल में निहित मजदूरों की उपस्थिति एमएमएमएस एप्प के माध्यम से ब्ंचजनतम करते हुए अपलोड करने का भी निदेश दिया।
मनरेगा आयुक्त ने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण के क्रम वित्तीय वर्ष 2017 से 21 के बीच 4898 पंचायतों का सामाजिक अंकेक्षंण हुआ जिसमें कुल 93,349 मुद्दे उभर के आये, इसमें 55 प्रतिशत पर विभाग द्वारा कार्यवाही की गयी है और 3,45,94,613 करोड के वित्तीय विचलन के विरुद्ध 6.6 प्रतिशत राशि की वसूली की गयी है
कोडरमा में सबसे अधिक 38 प्रतिशत और सिमडेगा मे सबसे कम 0.3 प्रतिशत राशि की वसूली हो पायी है। राज्य के 63 प्रखंडों में कोई वसूली नहीं होने को विभाग ने गंभीरता से लिया है

लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना लक्ष्य

आयुक्त ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने कहा कि जिला व प्रखण्ड स्तर पर सभी अधिकारियों को निरन्तर विकास के कार्यों के लिए प्रयासरत रहने की आवश्यकता है। ताकि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।

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