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रांची में फादर स्टेन स्वामी की याद में स्मृति सभा का आयोजन, हेमंत सोरेन ने कहा- विचारों को मरने न दें

विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों का मौत मामले की न्यायिक जांच को लेकर राजभवन मार्च

रांची:- भीमा-कोरेगांव में हिंसा मामले में गिरफ्तार एक्टिविस्ट फादर स्टेन स्वामी की मौत मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राजधानी रांची में गुरुवार को विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से राजभवन मार्च किया गया, वहीं रांची के नामकुम बागीचा में फादर स्टेन स्वामी की याद में स्मृति सभा का आयोजन किया गया। स्मृति सभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल हुए। मौके पर उन्होंने अपील की कि लोग फादर स्टेन स्वामी के विचारों को मरने न दें।

जीवन में सकारात्मक कार्य कर विदा लेना चाहिए

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड शहादत देने में पीछे नहीं रहा। भगवान बिरसा मुंडा से लेकर फादर स्टेन स्वामी तक के जीवन को राज्यवासियों ने देखा है। आनेवाली पीढ़ी को भी यह जानना चाहिये। फादर स्टेन स्वामी ने दलित, वंचित, आदिवासी समाज के प्रति सदैव संवेदनशील रहे। मुख्यमंत्री ने कहा जीवन है, तो मृत्यु भी है। लेकिन इस जीवनकाल में सभी को सकारात्मक कार्य कर विदा लेना चाहिए। स्मृति सभा में आर्च विशप एसजे रांची, एसएफएक्स थिओडोर मस्कारेन्हास, एसएफएक्स, ऑक्सीलिरी बिशप टेलोस्फर बिलुंग जमशेदपुर, फादर अजित खेस, फादर संतोष मिंज, फादर टोनी, प्रोवेनशियल, सिस्टर जनरल, सरना समिति के प्रतिनिधिगण और अन्य उपस्थित थे।

न्यायिक जांच की मांग को लेकर राजभवन के समक्ष प्रदर्शन

इधर, स्टेन स्वामी की मौत मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राजधानी रांची में शहीद चौक स्थित जिला स्कूल मैदान से राजभवन मार्च निकाला गया। इस मार्च में माकपा की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात, भाकपा के राज्य सचिव भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बरला ,भुवनेश्वर केवट के अलावा जनवादी संगठनों, सामाजिक संगठनों ,राजनीतिक दलों ,पत्रकारों , बुद्धिजीवी शामिल थे।

गौरतलब है कि भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार एक्टिविस्ट फादर स्टेन स्वामी का 5 जुलाई को निधन हो गया था। उन्हें एनआईए ने पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ यू ए पी ए की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

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