January 19, 2021

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मेदवेदेव ने एटीपी फाइनल्स में जीता साल का आखिरी खिताब

लंदन:- 23 नवंबर विश्व के चौथे नंबर के खिलाड़ी रुस के डेनिल मेदवेदेव ने तीसरे नंबर के खिलाड़ी और यूएस ओपन चैंपियन ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को कड़े संघर्ष में रविवार को 4-6, 7-6(2), 6-4 से हराकर साल के आखिरी टेनिस टूर्नामेंट एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब अपने नाम कर लिया। मेदवेदेव ने दो घंटे 43 मिनट तक चले इस खिताबी मुकाबले में थिएम को हराकर पहली बार यह खिताब जीता। एटीपी फाइनल्स के इतिहास में यह सबसे लम्बा चला फाइनल था। मेदवेदेव इसके साथ ही सत्र के आखिरी टूर्नामेंट में विश्व के शीर्ष तीन खिलाड़ियों को हराने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। यह उनके करियर का सबसे बड़ा खिताब है। रूसी खिलाड़ी ने ग्रुप में पांच बार के चैंपियन और विश्व के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच को6-3, 6-3 से , सेमीफाइनल में विश्व के नंबर दो खिलाड़ी स्पेन के राफेल नडाल को 3-6, 7-6(4), 6-3 से और फाइनल में विश्व के नंबर तीन खिलाड़ी थिएम को 4-6, 7-6(2), 6-4 से पराजित कर इतिहास बनाया। 1990 में एटीपी टूर के शुरू होने के बाद से एक टूर्नामेंट में यह करिश्मा करने वाले मेदवेदेव चौथे खिलाड़ी बन गए हैं । मेदवेदेव 2009 में निकोलई देवीदेंको के बाद यह खिताब जीतने वाले पहले रूसी खिलाड़ी बन गए हैं। 24 वर्षीय मेदवेदेव के खिताबी मुकाबले में 27 वर्षीय थिएम पर जीत ने लगातार छठे साल टूर्नामेंट को नया विजेता दिया। मेदवेदेव ने थिएम के खिलाफ अब अपना करियर रिकॉर्ड 2-3 कर लिया है। मेदवेदेव ने इससे पहले थिएम को पिछले साल मॉन्ट्रियल में हराया था। दोनों के बीच इस साल के यूएस ओपन में भी मुकाबला हुआ था जिसमें थिएम ने जीत हासिल की थी। लेकिन मेदवेदेव ने इस खिताबी मुकाबले को जीत कर पिछली हार का बदला चुकता कर लिया।
यह दिलचस्प है कि साल का आखिरी टूर्नामेंट एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स लंदन में अंतिम बार हुआ। इस टूर्नामेंट का लंदन में 12 वर्षों तक आयोजन हुआ और लंदन में इसका पहला विजेता रूसी खिलाड़ी था और आखिरी खिलाड़ी भी रूसी ही रहा।

मेदवेदेव ने खिताब जीतने के बाद कहा, “ मैंने इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले कहा था कि यह शानदार होगा कि लंदन में इस टूर्नामेंट का पहला विजेता रूसी था और आखिरी विजेता रूसी बने। मैं देवीदेंको को धन्यवाद देना चाहता हूं जो हम जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने। मैं उम्मीद करता हूं कि मैं उनका यह काम जारी रखूंगा। ”
एक साल पहले मेदवेदेव इस टूर्नामेंट में बिना कोई मैच जीते बाहर हुए थे लेकिन इस बार उन्होंने अपराजित रहते हुए खिताब जीता। इस जीत से उन्हें 1500 रैंकिंग अंक मिले।
थिएम के पास इस मैच को जीतने का मौका था। वह पहला सेट जीत चुके थे लेकिन उन्होंने दूसरे सेट का टाई ब्रेक गंवाकर मेदवेदेव को वापसी का मौका दे दिया। मेदवेदेव ने इस मौके को भुनाया और निर्णायक सेट जीतकर खिताब अपने नाम किया।

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