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मास्टर प्लान से विभागों, मंत्रालयों की सामूहिक शक्ति को मिलेगी गति : मोदी


नयी दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढांचागत विकास को कम लागत, समय पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने, विभागों तथा मंत्रालयों के बीच तालमेल एवं विकास कार्यो में सबकी शक्ति के सामूहिक प्रदर्शन को ज़रूरी बताते हुए देश के सभी राज्यों से प्रधानमंत्री गति शक्ति प्लेटफार्म से जुड़ने का आग्रह किया है। श्री मोदी ने बुधवार को यहां प्रगति मैदान में मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के तहत प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना को लांच करते हुए कहा कि ‘गति शक्ति योजना’ ऐसी समय पर शुरू की जा रही है जब देश भर में शक्ति स्वरूपिणी मां दुर्गा का पूजन हो रहा है। यह योजना आत्मनिर्भर भारत में अगले 25 साल के विकास की आधारशिला रख रही है। इससे देश के विकास के लिए विभागों और मंत्रालयों का सामूहिक रूप से शक्ति का प्रदर्शन होगा और देश विकास की नई ऊंचाई हासिल करेगा।
सरकार के अनुसार पीएम गतिशक्ति प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं हेतु समस्‍त पक्षों के लिए समग्र योजना को संस्थागत रूप देकर पिछले सभी मुद्दों को सुलझाएगी। एक-दूसरे से अलग-थलग रहकर योजना बनाने और डिजाइन तैयार करने के बजाय परियोजनाओं को एक साझा नजरिए से तैयार और कार्यान्वित किया जाएगा। इसमें विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों की अवसंरचना योजनाओं जैसे कि भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्गों, शुष्क/भूमि बंदरगाहों, उड़ान, इत्‍यादि को शामिल किया जाएगा।
कनेक्टिविटी बेहतर करने एवं भारतीय व्यवसायों को और भी अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए टेक्सटाइल क्लस्टर, फार्मास्युटिकल क्लस्टर, रक्षा कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक पार्क, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, फिशिंग क्लस्टर, एग्री जोन जैसे आर्थिक क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। इसमें विभिन्‍न प्रौद्योगिकियों का भी व्‍यापक उपयोग किया जाएगा जिनमें बीआईएसएजी-एन (भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना संस्थान) द्वारा विकसित इसरो इमेजरी युक्‍त स्थानिक नियोजन उपकरण भी शामिल होंगे।

पीएम गतिशक्ति छह स्तंभों पर आधारित है। इसमें पहला स्तर व्यापकता का है जिसमें
एक केंद्रीकृत पोर्टल में विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों की सभी मौजूदा और नियोजित पहलों का विवरण शामिल होगा। अब परियोजनाओं के व्यापक नियोजन और निष्पादन के क्रम में महत्वपूर्ण डेटा का आदान – प्रदान करते हुए प्रत्येक विभाग को एक-दूसरे की गतिविधियों से अवगत रहने की सुविधा होगी।
दूसरा स्तंभ प्राथमिकत है जिसकेमाध्यम से विभिन्न विभाग विविध क्षेत्रों से संबंधित पारस्परिक व्यवहार के जरिए अपनी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने में सक्षम होंगे।
इसका तीसरा आधार अधिकतम उपयोग है जिसमें राष्ट्रीय मास्टर प्लान महत्वपूर्ण खामियों की पहचान के बाद विभिन्न परियोजनाओं की योजना बनाने में विभिन्न मंत्रालयों की सहायता करेगा। माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए, यह मास्टर प्लान समय और लागत की दृष्टि से अधिकतम उपयोगी मार्ग चुनने में मदद करेगा।
चौथे स्तंभ सामंजस्यीकरण के तहत
अलग मंत्रालय और विभाग अक्सर एक – दूसरे से अलग – थलग होकर काम करते हैं। परियोजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन को लेकर उनके बीच समन्वय का अभाव होता है जिसके परिणामस्वरूप विलम्ब होता है। पीएम गतिशक्ति प्रत्येक विभाग की गतिविधियों के साथ-साथ शासन – प्रणाली की विभिन्न परतों के बीच काम का समन्वय सुनिश्चित करके उनके बीच समग्र रूप से सामंजस्य स्थापित करने में मदद करेगी। पांचवा स्तंभ विश्लेषणात्मक है जिसमें मास्टर प्लान जीआईएस आधारित स्थानिक नियोजन एवं 200 से अधिक परतों वाले विश्लेषणात्मक उपकरणों के जरिए एक ही स्थान पर संपूर्ण डेटा प्रदान करेगा, जिससे कार्यान्वन से जुड़ी एजेंसी को अपना कामकाज करने में सहूलियत होगी।
छठा स्तंभ गतिशीलता रखा गया है जिसके तहत मंत्रालय और विभाग अब जीआईएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विविध क्षेत्रों से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की परिकल्पना, समीक्षा और निगरानी करने में सक्षम होंगे, क्योंकि उपग्रह इमेजरी समय-समय पर धरातल पर होने वाली प्रगति की जानकारी देगी और उसके अनुरूप परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित जाकारी को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। यह कदम इस मास्टर प्लान को आगे बढ़ाने और उसे अपडेट करने से संबंधित महत्वपूर्ण उपायों की पहचान करने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में के बीच आपसी खींचतान के कारण विकास परियोजनाएं बाधित हो रही थी और उनसे जो लाभ देश को मिलना चाहिए था वह परस्पर विवाद में फंसकर परियोजना की महत्ता को खत्म कर रहे थे। यह संकट खत्म हो और विभागों में तालमेल बने इसके लिए इस योजना को शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक जो रास्ते अपनाए जाते रहे है उनसे विकास प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी और विकास परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं होती थी, खर्च भी ज्यादा लग जाता था लेकिन अब गति शक्ति प्लेटफार्म से सभी विभागों की सूचनाएं एक जगह होगी जिससे योजना बनाने में किसी विभाग को दिक्कत नहीं आएगी। इससे काम को गति मिलेगी और जो बाधाएं पैदा की जा रही थी इस मास्टर प्लान के माध्यम से उनका आसानी से समाधान हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्लेटफार्म से गुणवत्तापूर्ण ढांचागत विकास देश की मजबूती का आधार बनेगा, इससे लोगों को रोजगार मिलेगा, लोगो के उत्पादों को बाजार मिलेगा और सरकार की काम करने के तरीके बदलाव आएंगे और जनता में सरकार के काम को प्रतिष्ठा मिलेगी। प्रख्यात रक्षा विश्लेषक कमांडर जी.जे. सिंह मास्टर मेरिनर ने बुधवार को कहा कि चीन भारत के खिलाफ जल्द से जल्द मोर्चा खोलने की गलती नहीं करेगा क्योंकि उन्हें डर है कि दक्षिण चीन सागर के आसपास के पश्चिमी और सीमांत देश वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपना ध्यान बंटाने के लिए उनके खिलाफ नौसैनिक हमला कर सकते हैं।
कमांडर जी.जे. सिंह मेरिनर ने बुधवार को कहा कि चीन भारत के खिलाफ जल्द से जल्द मोर्चा खोलने की गलती नहीं करेगा क्योंकि उन्हें डर है कि दक्षिण चीन सागर के आसपास के पश्चिमी और सीमांत देश वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपना ध्यान बंटाने के लिए उनके खिलाफ नौसैनिक हमला करेंगे और इससे परोक्ष रूप से भारत की मदद होती है।
श्री सिंह ने भारत-चीन सैन्य वार्ता के ढहने की खबरों के बीच एक साक्षात्कार में यूनीवार्ता को बताया,“मुझे नहीं लगता कि चीन इस समय भारत के खिलाफ मोर्चा खोलेगा क्योंकि चीनी को डर है कि दक्षिण चीन सागर के आसपास अमेरिका, क्वाड और फ्रिंज राष्ट्र, एलएसी पर पीएलए के ध्यान को विभाजित करने और देने के लिए उन पर एक नौसैनिक हमला करेंगे। भारत एक सैन्य लाभ।”
हा सिंह ने कहा कि अगर चीन भारत पर हमला करता है, तो अमेरिका और क्वाड सहित ये देश एलएसी पर भारतीय सैनिकों का समर्थन करने के लिए अपना पैर नहीं रखेंगे।
इस बीच, उन्होंने कहा कि चीन के भारत के खिलाफ युद्ध करने से पहले, दिल्ली को स्थायी बुनियादी ढांचे, हथियार और गोला-बारूद को बढ़ाना चाहिए जैसा कि पीएलए एलएसी पर कर रहा है।

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