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डीएमएफटी प्रबंधकीय समिति की बैठक में कई योजनाओं को मिली मंजूरी

प्राथमिकता क्षेत्र के स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिला एवं बाल कल्याण आदि योजनाओं को समिति ने किया स्वीकृत

रांची:- रांची जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रबंधकीय समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त छवि रंजन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शासी परिषद की बैठक में पारित प्रस्तावों पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए स्वीकृति दी गई।
बैठक के दौरान सबसे पहले
कौशल विकास और लाइवलीहुड योजनाओं के अन्तर्गत केज कल्चर , हस्तकला उत्पादों से सम्बंधित प्रशिक्षण तथा उत्पादन, वाटर ट्रीटमेंट, बॉटलिंग और पैकेजिंग ट्रेनिंग, सैनिटरी पैड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, जूट उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षण, मधुमक्खी पालन, चश्मे की लेन्स बनाने हेतु प्रशिक्षण इत्यादि पर चर्चा की गयी।
खलारी प्रखंड में मछली पालन के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए उपायुक्त श्री छवि रंजन ने जिला कृषि पदाधिकारी से आवश्यक जानकारी लेते हुए कहा कि मछली पालन की योजना को प्राथमिकता से लें। उपायुक्त ने जुलाई से कार्य शुरू करने और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जोड़ने का निर्देश कृषि पदाधिकारी को दिया। उन्होंने कहा कि योजना में विस्थापित परिवार और उसकी महिला को प्राथमिकता दें। समिति द्वारा इस योजना को स्वीकृति दी गई।
मधुमक्खी पालन से संबंधित प्रस्ताव पर भी समिति में चर्चा की गई। उपायुक्त ने मधु की ब्रांडिंग करने का निर्देश दिया। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय की मरम्मति, अन्य कमरों की व्यवस्था कराना, स्मार्ट टैब लैब, इवनिंग क्लास की व्यवस्था की स्वीकृति दी गई। समाज कल्याण के क्षेत्र में खलारी प्रखंड में ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम स्थापित करने का निदेश उपायुक्त द्वारा दिया गया, जो आगे चलकर पूरे ज़िला में लागू होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में खलारी प्रखंड में सीएचसी बनाने को लेकर उपायुक्त ने डीडीसी और सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में पुल एवं रोड निर्माण के प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए समिति ने स्वीकृति दी।
आपको बताएं कि ख़लारी प्रखण्ड के विभिन्न पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन कर डीएमएफटी अन्तर्गत नियमानुसार योजनाओं का चयन किया गया है। डीएमएफटी की राशि को मूल प्राथमिकता क्षेत्र तथा अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के कार्यों में खर्च किया जा सकता है। क्डथ्ज् की 60 प्रतिशत राशि को मूल प्राथमिकता क्षेत्र जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिला एवं बाल कल्याण, पेयजलापूर्ति, बुजुर्ग एवं दिव्यांग कल्याण और पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की योजनाओं हेतु खर्च करने का प्रावधान है।
डीएमएफटी की शेष 40 प्रतिशत राशि से अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, ऊर्जा और वाटरशेड डेवलपमेंट और पर्यावरण गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु कार्य कराया जा सकता है।
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त रांची विशाल सागर, निदेशक डीआरडीए, सिविल सर्जन, ज़िला पंचायती राज पदाधिकारी, ज़िला कृषि पदाधिकारी, ज़िला समाज कल्याण पदाधिकारी, डीएमएफटी मेंबर एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित थे।

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