January 22, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

हाथों में जादू, बिना किसी प्रशिक्षण पेंटिंग, वुडन क्राफ्ट व बेमबो क्राफ्ट में महारत हासिल

लकड़ी और बांस से बने हैंडीक्राफ्ट की बाजार में मिलती है अच्छी कीमत

रांची:- हुनर के बल पर आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा करने में देश के युवा तन मन से जुट गए हैं। रांची जिले के हटिया डूंगरी के सुमित कच्छप लकड़ी और बांस की कारीगरी के बल पर आत्मनिर्भर बनना चाह रहे हैं साथ ही लोकल प्रोडक्ट को भी आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं।
रांची के ग्रामीण इलाके से आने वाले सुमित कच्छप में हुनर की कोई कमी नहीं है। बगैर किसी प्रशिक्षण के यह पेंटिंग, वुडन क्राफ्ट और बेमबो क्राफ्ट में महारत हासिल किए हुए हैं। हाथों की इस कारीगरी से वे आत्मनिर्भरता की ओर तो बढ़ ही रहे हैं गांव के दूसरे युवकों को भी साथ जोड़कर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होते देखना चाहते हैं।
सुमित का कहना है कि वह गांव घर में उपलब्ध लकड़ी और बांस से ही कुछ नया करना चाहते हैं। स्थानीय उत्पाद का इस्तेमाल कर वे लोकल प्रोडक्ट को भी बढ़ावा देने की सोच रखते हैं। उन्होंने बताया कि लकड़ी और बांस से बने हैंडीक्राफ्ट की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। इसे बढ़ावा देने से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिल सकता है।
सुमित के साथ सहयोगी की भूमिका निभा रहे अमित टोप्पो ने भी ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। लकड़ी और बांस से बने इन वस्तुओं की बाजार में मांग को देखते हुए अमित इसे एक अच्छा रोजगार मानते हैं और धीरे-धीरे आसपास के अन्य युवा भी इस क्षेत्र में आगे आ रहे है। सुमित कच्छप को करीब से जानने वाले राजू नायक और अजय इनके हुनर के कायल हैं। इनका कहना है कि सुमित कच्छप के हाथों में जादू है। वर्षों की मेहनत और लगन ने अब सुमित कच्छप को पहचान दिलाना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि इनके उत्पादों की मांग बढ़ती जा रही है उसे पूरा करने में सुमित लगे रहते हैं।

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