राँची : – निर्वाचन प्रचार के दौरान वाहनों के इस्तेमाल का अनुवीक्षण। प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन प्रचार में प्रयोग किए जाने वाले वाहनों का विवरण रिटर्निंग अफसर के समक्ष रखा जाएगा
डॉ मनीष रंजन, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राँची, ने कहा कि लोकसभा निर्वाचन-2019 को लेकर अभ्यर्थी, रिटर्निंग अफसर के समक्ष निर्वाचन प्रचार के लिए प्रयोग किए जाने वाले वाहनों का विवरण रखेंगे और रिटर्निंग अफसर परमिट जारी करेंगे. संबंधित रिटर्निंग अफसर से प्राप्त किया गया वाहन परमिट, वाहन के आगे वाली स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा । दोपहिया वाहन (मोटरबाइक, स्कूटर, मोपेड) ,साइकिल, रिक्शा इत्यादि भी इन अनुदेशों के प्रयोजनार्थ वाहन माने जाएंगे तथा एसे मामले में परमिट मांगे जाने पर दिखाया जाएगा । छाया प्रेक्षण रजिस्टर में शामिल करने के लिए विवरणों को लेखा टीमो को दिया जाएगा ।
बिना अनुमति प्रचार हेतु वाहन का इस्तेमाल करने पर कार्रवाई होगी ।
डॉ रंजन ने बताया कि यदि रिटर्निंग अफसर की लिखित अनुमति के बिना ही प्रचार के लिए वाहन का प्रयोग किया जाता है तो इसे अभ्यर्थी के लिए अप्राधिकृत माना जाएगा तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 171-ज के दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी । इसलिए, इसे तत्काल प्रचार प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा । इसके अतिरिक्त, इस वाहन पर व्यय छाया प्रेक्षण रजिस्टर में जोड़ा जाएगा । रिटर्निंग अफसर द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद भी यदि अभ्यर्थी निरीक्षण के लिए अपने लेखे प्रस्तुत नहीं करता तो रिटर्निंग अफसर, निर्वाचन के दौरान वाहन का उपयोग करने की अनुमति तत्काल वापस ले लेंगे तथा ये अनुमति तबतक नहीं दी जाएगी जबतक अभ्यर्थी द्वारा निरीक्षण के लिए लेखे प्रस्तुत नहीं किए जाते ।

उड़न दस्ता दल द्वारा वाहन का अभिग्रहण
डॉ रंजन ने बताया कि यदि किसी विशेष अभ्यर्थी ने किसी वाहन के लिए अनुमति ली है और/ या उसका प्रयोग किसी अन्य अभ्यर्थी द्वारा या दूसरे अभ्यर्थी के प्रचार प्रयोजनार्थ उपयोग किया जा रहा है तब अनुमति वापस ले ली जानी है तथा उड़नदस्तों द्वारा वाहन का अभिग्रहण कर लिया जाएगा । उड़न दस्तों द्वारा सहायक व्यय प्रेक्षक को रिपोर्ट दी जाएगी ताकि उसके व्यय को उस अभ्यर्थी के खाते में डाला जाएगा जो उस वाहन को वास्तव में प्रयोग कर रहे थे.
अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय के लेखे में जोड़ा जाएगा
डॉ रंजन ने कहा कि यदि अभ्यर्थी, रिटर्निंग अफसर से अनुमति लेने के पश्चात दो दिन से अधिक की समयावधि के बाद भी वाहन (नों) को प्रचार कार्य हेतु उपयोग में नहीं लाते हैं तो, वे एसे वाहनों के लिए अनुमति वापस लेने हेतु रिटर्निंग ऑफिसर को सूचित करेंगे । यदि अभ्यर्थी अनुमति प्राप्त करने के पश्चात रिटर्निंग ऑफिसर को प्रचार अभियान में लगाए गए एसे वाहनों की अनुमति को वापस लेने हेतु सूचित नहीं करते हैं तो ये माना जाएगा कि अभ्यर्थी ने प्रचार अभियान के उदेश्य के लिए अनुमति प्राप्त वाहनों का उपयोग किया है और तदनुसार, एसे वाहनों के उपयोग के लिए अधिसूचित दरों के अनुसार यह व्यय उनके निर्वाचन व्यय के लेखे में जोड़ा जाएगा ।एसे अभ्यर्थियों के व्यय का लेखांकन करने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा एसे सभी वाहनों और अनुमति वापस लेने संबंधी अनुरोधों का विवरण लेखांकन दल को दिया जाएगा ।
वीडियो वाहन का अनुवीक्षण
डॉ रंजन ने कहा कि यदि वीडियो वैन को राजनीतिक दल के लिए किसी भी अभ्यर्थी के नाम का उल्लेख किए बिना या किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के अभ्यर्थियों की तस्वीर के बिना, स्टार प्रचारक को छोड़कर, चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामान्य दल के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो ये खर्च दल के खाते में डाला जाएगा जो निर्वाचन पूरा होने के बाद लोकसभा चुनाव के मामले में 90 दिनों के भीतर सूचित किया जाएगा । साथ ही यदि उसपर अभ्यर्थी (यों) के नाम (मों) या फोटो प्रदर्शित किए गए हैं या किसी अभ्यर्थी (यों) का पोस्टर, बैनर प्रदर्शित किए गए हैं और वैन उनके निर्वाचन क्षेत्र में उपयोग की जाती है तो व्यय एसे अभ्यर्थी (यों) के खाते में डाला जाएगा.

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