लोकसभा चुनाव: देश में 7 चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे. पहला चुनाव 11 अप्रैल को होगा. वहीं नतीजे 23 मई घोषित किए जाएंगे. इसी के साथ देश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है.

लोकसभा चुनाव: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सियासी समर का आज शंखनाद हो गया है. चुनाव आयोग ने 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव की तारीखों की एलान कर दिया. देश के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव आयुक्त सुनील चंद्रा ने बताया कि 7 चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे. पहला चुनाव 11 अप्रैल को होगा और आखिरी 19 मई को होगा. नतीजे गुरूवार 23 मई को घोषित किए जाएंगे. इसी के साथ देश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है. इसका मतलब है कि सरकार अब कोई घोषणा-उद्घाटन नहीं कर सकती. चुनाव आयोग ने कहा है कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.


चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव

पहला चरण: 11 अप्रैल ( 91 सीट, 20 राज्य)

दूसरा चरण: 18 अप्रैल ( 97 सीट, 13 राज्य)

तीसरा चरण: 23 अप्रैल ( 115 सीट, 14 राज्य)

चौथा चरण: 29 अप्रैल (71 सीट, 9 राज्य)

पांचवा चरण: 6 मई ( 51 सीट, 7 राज्य)

छठा चरण: 12 मई ( 59 सीट, 7 राज्य)

सातवां चरण: 19 मई ( 59 सीट, 8 राज्य)


चुनाव आय़ोग ने बताया है कि राज्यों में चुनावों के दौरान किस तरह से सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाएगी इसको लेकर पुलिस के अधिकारियों और राज्यों के गृह सचिव, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें की गई हैं.  चुनाव आय़ोग ने कहा कि चुनाव की तारीखों को तय करने के दौरान विभिन्न राज्यों के बोर्ड एग्जाम की तारीखों का भी ध्यान रखा है.

चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि इस चुनाव में 90 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 1.5 करोड़ 18-19 साल के मतदाता पहली बार वोट करेंगे. वहीं, नौकरी पेशा वाले मतदाताओं की संख्या 1.60 करोड़ है. आयोग ने कहा कि 1950 कॉल फ्री नंबर पर आप वोटर लिस्ट से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं. बड़ी बात यह है कि चुनाव में VVPAT मशीनों का ही इस्तेमाल किया जाएगा.

चुनाव आयोग ने बताया कि देश में 10 लाख पोलिंग बूथ होंगे. पिछली बार 9 लाख पोलिंग स्टेशन थे. वोटिंग से 48 घंटे पहले लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लग जाएगी. वहीं रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाई गई है. मतदाताओं को वोटर स्लिप वोटिंग से पांच दिन पहले मिल जाएगी. वोटरों को इस बार भी NOTA का विकल्प दिया जाएगा.

आयोग ने बताया है कि देश में संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की जाएगी. इस बार ईवीएम पर उम्मीदवारों की तस्वीर भी लगाई जाएगी. साथ ही पूरी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी. ईवीएम की मूवमेंट जानने के लिए जीपीएस ट्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.

चुनाव आय़ोग ने कहा है कि उम्मीदवारों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट की भी जानकारी लेनी होगी. इस दौरान सोशल मीडिया पर प्रचार की भी निगरानी की जाएगी. आयोग सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए गाईडलाईन भी जारी करेगा. पेड न्यूज़ को लेकर उम्मीदवारों और पार्टी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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