March 1, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

बंगाल में 294 सीटों पर चुनाव लड़ेगी लोजपा

कोलकाता:- लोक जनशक्ति पार्टी (लाेजपा) पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में 294 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेगी।
प्रदेश लोजपा अध्यक्ष मीरा चक्रवर्ती ने शुक्रवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में ब्राह्मण, कायस्थ और वैश्य समुदाय के 17 प्रतिशत लोग हैं जबकि करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय से हैं। वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 53 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा, “दलितों की इतनी संख्या होने के बावजूद इस वर्ग के विधायकों एवं प्रतिनिधियों की हिस्सेदारी बहुत कम है। हमारे दिवंगत नेता रामविलास पासवान जी का सपना पूरे देश में दलितों का उत्थान करना था, लेकिन दुर्भाग्य से पश्चिम बंगाल में यह अब तक संभव नहीं हो सका है।”
सुश्री चक्रवर्ती ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 1.87 करोड़ युवा बेराजगार हैं। राज्य के पूर्वी मिदनापुर के हल्दिया पेट्राकेमिकल संयंत्र में में 5200 करोड़ रूपये के निवेश के बाद 800 लोगों को रोजगार मिला है। इसका मतलब 13 करोड़ रूपये के निवेश पर एक व्यक्ति को नौकरी मिली। अगर इसके बजाय लघु अथवा मध्यम उद्योग स्थापित किये जाते तो एक करोड़ रूपये के निवेश के बाद तीन लोगों को रोजगार मिलता।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘स्वस्थसाथी’ नाम से हेल्थ कार्ड प्रस्तुत किया है। राज्य की वर्तमान आबादी करीब 10 करोड़ है। अगर प्रत्येक व्यक्ति को दो लाख रुपये का लाभ मिलता है तो इस पर दो हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे , लेकिन राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि इसे कैसे वहन करेगी। उन्होंने कहा,“यह बंगाल के लोगों को बरगलाने का बहाना मात्र है। पूर्ववती वाम मोर्चा सरकार ने 34 सालों में दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था , लेकिन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 10 वर्षों में ही तीन लाख करोड़ रूपयों का ऋण ले लिया है। वर्तमान राज्य सरकार पांच लाख करोड़ रूपयों के कर्ज में डूबी है।”
सुश्री चक्रवर्ती ने कहा, “लोजपा धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करती हैं। किसका नाम राम या किसका नाम रहीम है, यह मायने नहीं रखता। हम मौजूदा सरकार को बदलना चाहते हैं। हम वंशवाद की राजनीति की विरासत को मजबूत करने के खिलाफ हैं।”

Recent Posts

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: