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लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप चंद्रन नायर बने असम राइफल्स के 21वें महानिदेशक

– अति विशिष्ट सेवा मेडल और युद्धसेवा मेडल से सम्मानित किये जा चुके हैं नायर

– तीन मौकों पर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से अलंकृत किया गया

नई दिल्ली:- लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप चंद्रन नायर ने मंगलवार को उत्तर-पूर्व के प्रहरी के रूप में लोकप्रिय असम राइफल्स के 21वें महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्हें असम राइफल्स और उत्तर पूर्व का समृद्ध अनुभव है। वह पहले असम राइफल्स में इंस्पेक्टर जनरल और कंपनी कमांडर रहे हैं। अति विशिष्ट सेवा मेडल और युद्धसेवा मेडल से सम्मानित नायर ने ब्रिगेड कमांडर के रूप में असम राइफल्स बटालियन की कमान संभाली है। जनरल ऑफिसर को 1985 में सिख रेजिमेंट में कमीशन किया गया था। वह सैनिक स्कूल सतारा, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, रक्षा प्रबंधन कॉलेज और प्रतिष्ठित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के पूर्व छात्र हैं। सियाचिन ग्लेशियर और असम में अपनी बटालियन (18 सिख) की कमान संभालने के बाद उनके पास युद्ध का बहुत बड़ा अनुभव है। इसके अलावा वह मणिपुर और सिक्किम में कंपनी कमांडर, असम में बटालियन कमांडर, मणिपुर में ब्रिगेड कमांडर और हाल के दिनों में नगालैंड में असम राइफल्स के महानिरीक्षक भी रहे हैं। वह इन्फैंट्री स्कूल, महू, भारतीय सैन्य प्रशिक्षण दल, भूटान में प्रशिक्षक और प्रमुख रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज में एक निर्देशन स्टाफ रहे हैं। उन्होंने सेना मुख्यालय में कर्नल, मेजर जनरल और लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में काम किया है। उन्होंने महाराष्ट्र, गुजरात एवं गोवा क्षेत्र में और रक्षा खुफिया एजेंसी में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ के रूप में भी काम किया है। सेना मुख्यालय के अपने अंतिम कार्यकाल में वह महानिदेशक भर्ती थे, जो भारतीय सेना में अधिकारियों और जवानों की भर्ती के लिए जिम्मेदार थे। नगालैंड में इंस्पेक्टर जनरल असम राइफल्स (उत्तर) के रूप में उनकी कमान के दौरान उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल, मणिपुर में एक ब्रिगेड की कमान के दौरान युद्धसेवा मेडल और तीन मौकों पर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से अलंकृत किया गया है।

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