May 16, 2021

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लालू प्रसाद को हाईकोर्ट से मिली जमानत,जेल से बाहर आएंगे

23 दिसंबर 2017 से जेल में है, बीमार होने की वजह से अभी एम्स दिल्ली में हैं इलाजरत

रांची:- अरबों रुपये के बहुचर्चित चारा घोटाले मामले में सजायाफ्ता आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को शनिवार को दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिल गयी है।इसके साथ ही उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। हालांकि रांची के डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े एक अन्य मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई तेजी से चल रही है। ऐसी स्थिति में वे कितने दिनों तक जेल से बाहर रह पाएंगे, यह कहना भी मुश्किल है।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की अदालत में लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर पैरवी कर रहे उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल ने सजा की आधी अवधि पूरी कर ली है, इसलिए जमानत दी जानी चाहिए। इस पर सीबीआई के अधिवक्ता की ओर से आपत्ति करते हुए कहा गया कि लालू प्रसाद को सीबीआई की विशेष अदालत दुमका कोषागार से जुड़े आरसी 38ए/97 मामले में दो अलग-अलग धाराओं में सात-सात साल की सजा सुनायी गयी है। सीबीआई अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को यह बताया कि इस मामले में लालू प्रसाद को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 7 साल की सजा दी गयी है, इसके साथ ही पीसी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत 7 वर्ष की सजा सुनायी गयी है। यानी अदालत ने लालू प्रसाद को 14वर्ष की सजा सुनायी गयी है। इस लिहाज से उन्होंने अब तक सजा की आधी अवधि पूरी नहीं की है।
लालू प्रसाद के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि सभी आरोप एक हैं, एक ही तरह के गवाहों के आधार पर एक ही अदालत ने अलग-अलग सजाएं सुनायी। सीबीआई के द्वारा जिन बातों को आधार बनाकर बेल रिजेक्ट किये जाने की बात कही जा रही है, वह काफी नहीं हैं।
लालू प्रसाद के अधिवक्ता ने बताया कि न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की ओर से उन्हें पांच-पांच लाख रुपये के दो मुचलका भरने का आदेश दिया। बेल बॉन्ड भरने के बाद वे एक-दो दिन में जेल से बाहर आ जाएंगे। हालांकि जमानत के दौरान लालू प्रसाद देश से बाहर नहीं जाएंगे और देश से बाहर जाने के पहले उन्हें कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही अपना मोबाइल नंबर और अपना पता नहीं बदलेंगे।
गौरतलब है कि लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर 9 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। लेकिन सीबीआई के अधिवक्ता ने अदालत से काउंटर एफिडेविट दायर करने के लिए 3 दिन का वक्त मांगा था। इससे पहले 19 फरवरी को हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उन्होंने दुमका कोषागार मामले में सजा की आधी अवधि पूरी नहीं की थी। लालू प्रसाद के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने बताया कि 9 अप्रैल को लालू की सजा की आधी अवधि पूरी हो गयी। जिसके बाद फिर से जमानत याचिका दायर की गयी थी और आज जमानत मिल गयी। इससे पहले चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के दो और देवघर कोषागार से अवैध निकासी के एक मामले में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
लालू प्रसाद 23 दिसंबर 2017 से रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद है। हालांकि उनकी तबीयत खराब होने की वजह से वे कई महीने तक रांची के रिम्स स्थित पेइंग वार्ड में भर्ती रहे और 23 जनवरी 2021 को सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी के कारण उन्हें रिम्स से एम्स नई दिल्ली रेफर किया गया है।

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