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विश्व कप तीरंदाजी में स्वर्ण जीतने वाली कोमोलिका बारी ने पहली बार 5000रुपये में बांस से बने धनुष को किश्तों में खरीदा

प्रतियोगिता के लिए ढ़ाई लाख रुपये में धनुष खरीदने के लिए पिता ने घर को बेच डाला, अब भी किराये के मकान में रहते हैं

जमशेदपुर:- झारखंड में जमशेदपुर की रहने वाली कोमोलिका बारी ने पेरिस में संपन्न विश्व कप तीरंदाजी प्रतियोगिता के रिकर्व टीम स्पर्धा में दीपिका कुमारी और अंकिता भगत के साथ स्वर्ण पदक जीतने में सफलता हासिल किया। देश के हर खिलाड़ी कोमोलिका बारी का प्रारंभिक जीवन काफी संघर्षां भरा रहा। तीरंदाजी के प्रति जुनून को देखकर कोमोलिका के पिता ने पहली बार 5000 रुपये में बांस से बना धनुष किश्तों में खरीदा और जब राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बात आयी, तो ढ़ाई लाख रुपये में धनुष खरीदने के लिए उसके पिता ने अपने घर को ही बेच डाला और अब भी किराये के मकान में रहने को मजबूर है। कोमोलिका बारी की मां रश्मि बारी को आंगनबाड़ी केंद्र में 1450 रुपये और पिता एलआईसी एजेंट के रूप में काम करते है।
पेरिस में गोल्ड मेडल हासिल कर बुधवार को जमशेदपुर वापस लौटने वाली कोमोलिका बारी के माता-पिता को आज पुराना दिन याद गया। कोमोलिका की मां रश्मि बारी ने बताया की छोटी उम्र में बेटी की तबीयत हमेशा खराब रहती थी तो उन्होंने सोचा कि इसे स्पोर्ट्स में डाल देते हैं । जिसके बाद आर्चरी में डाला तब वहां पर धनुष खरीदने के भी पैसे नहीं थे लेकिन बेटी के जज्बे ने हमारी हिम्मत को टूटने नहीं दिया बांस से बनी 5000 रुपये के धनुष को किश्तों में खरीदा। बाद में जब टाटा आर्चरी अकैडमी में कोमोलिका का चयन हुआ, वहां से प्रतियोगिता में ढ़ाई लाख के रुपये की धनुष खरीदने की बात आयी, तो परिवार ने समाज से कई लोगों से मदद की गुहार लगायी, लेकिन हर तरफ से मायूसी मिली अंता थक हार कर उन्होंने अपने घर को बेच दिया और अपनी बेटी की खेल का सफर का शुरुआत कराया । आज जब बेटी कोमोलिका ने गोल्ड जीता कर साबित कर दिया कि उनका यह प्रयास खाली नहीं गया । उनकी माता अपने पुराने दिनों को याद कर बताती है कि वह भी बचपन में हॉकी खिलाड़ी थी, लेकिन अपने सपनों को पूरा नहीं कर सकी, आज उनकी बेटी सपने को पूरा कर रही है।
कोमोलिका के पिता घनश्याम बारी को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी बेटी ओलंपिक में भी चयनित होगी और देश के लिए पदक जीतने का काम करेंगी।
गौरतलब है कि झारखंड की तीरंदाज दीपिका कुमारी, अंकिता भगत और कोमलिका बारी की अगुवाई वाली भारतीय महिला रिकर्व टीम ने विश्व कप स्टेज 3 में फाइनल में मैक्सिको को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। विश्वकप की यह फाइनल टूर्नामेंट ओलंपिक क्वालिफायर के रूप में भी बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक मैच थी। भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रही झारखंड की युवा महिला तीरंदाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवांवित किया है।तीनों ही तीरंदाज जमशेदपुर से हैं, और शहर को इनकी प्रतिभा पर गर्व है।

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