किशनगंज : – 11 वीं कक्षा में फेल होने के कारण व शिक्षक की फटकार से मानसिक तनाव से जूझ रही धरमगंज निवासी छात्रा ने ट्रेन से कटकरअपनी जान दे दी। सोमवार देर रात को किशनगंज शहर से 19 किलोमीटर दूर बंगाल के सूर्यकमल रेलवे स्टेशन स्थित यार्ड के निकट तीन नंबर रेल लाइन पर स्थानीय धरमगंज निवासी आशीष गुप्त के पुत्री हर्षिता कुमारी का क्षतविक्षत शव बरामद किया गया। बताते चलें कि सोमवार रात गुवाहाटी से चलकर जम्मूतवी जाने वाली 15651 डाउन लोहित एक्सप्रेस के चालक की नजर रेलवे लाइन पर पड़े शव पर पड़ी। चालक ने रात्री 12.35 बजे इस घटना की जानकारी दालकोला आरपीएफ को दी । मौके पर पहुंचे आरपीएफ जवानों ने शव को अपने कब्जे में लिया। घटनास्थल से बरामद मोबाइल से आरपीएफ द्वारा परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।

आरपीएफ की सूचना पर सूर्यकमल पहुंचे छात्रा के चाचा अनिल गुप्ता ने शव की पहचान हर्षिता के रूप में की। दालकोला जीआरपी में यूडी केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए रायगंज अस्पताल भेज दिया। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। मंगलवार दोपहर शव के धरमगंज स्थित आवास पहुंचते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्वभाव से हंसमुख और मिलनसार हर्षिता के बिछड़ जाने के गम से परिजन ही नहीं मोहल्लेवासियों की भी आंखें नम थी।किसी को यह विश्वास ही नही हो रहा था कि हँसती खेलती गुड़िया हर्षिता अब हमारे बीच नही है ।घर के सदस्यों का रो रो कर बुरा हाल था ।

स्थानीय लोगों से बात करने पर पता चला कि हर्षिता के पिता का धरमगंज में किराने की दुकान है। पिता आशीष गुप्ता हर्षिता को पढ़ा लिखा कर योग्य एवम सक्षम बनाने का सपना संजोए थे ताकि उनकी बेटी कामयाबी की बुलंदियों चूमे । लेकिन दुर्भाग्यवश हर्षिता अपनी कड़ी मेहनत के बावजूद 11 वीं की कक्षा में फेल हो गई। उसने इकोनॉमिक्स और एकाउंटेंसी विषय में कंपार्टमेंटल परीक्षा भी दिया। लेकिन उसे सफलता हाथ नहीं लगी। नातिज़ा वह डिप्रेशन का शिकार हो गई। लोगों के बीच चल रही चर्चाओ अनुसार सोमवार शाम को वह दहीपट्टी रोड निवासी शिक्षक के पास ट्यूशन पढ़ने पहुंचीं। किंतु शिक्षक ने खराब रिजल्ट लाने के कारण उसे खरीखोटी सुनाते हुए फटकारा । दोस्तों के सामने शिक्षक द्वारा फटकारे जाने को वह बर्दाश्त नहीं कर सकी और स्थानीय रेलवे स्टेशन पहुंच गई। जहां देर शाम वह सिलीगुड़ी राधिकापुर डीएमयू ट्रेन में सवार होकर सुर्यकमल स्टेशन पहुंची और आत्महत्या करने की नियत से डीएमयू के नीचे बीच पटरी पर जाकर लेट गई। ट्रेन के सूर्यकमल स्टेशन से खुलते ही उसका शरीर कटकर दो भागों में विभाजित हो गया। घटना के बाद रेल खंड होकर गुजर रही लोहित एक्सप्रेस के चालक की नजर शव पर पड़ी। वहीं दूसरी ओर शिक्षक का कहना है कि दो माह पूर्व ही हर्षिता उनके यहां ट्यूशन छोड़ चुकी थी।

बताते चले कि हर्षिता बालमंदिर सीनियर सेकेंडरी की छात्रा थी । हर्षिता के मृत्यु के उपरांत आक्रोशित परिजनों ने विद्यालय में जम कर तोड़ फोड़ की ।

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