किशनगंज :- जिले की चार प्रखंडों को जोड़ने वाली किशनगंज- बहादुरगंज लाइफ लाइन माने जाने वाली सड़क में छठे किलोमीटर पर भेड़ियांडांगी के समीप बन रहे पुल का निर्माण इस बरसात से पूर्व संभव नहीं दिख रहा है। इस बरसात भी लोगों को बहादुरगंज जाने के लिए डायवर्सन ही सहारा बनेगा। उसमें भी अगर जून माह में मानसून के आगाज के बाद तेज बारिश हुई तो डायवर्सन का डूबना तय है। ऐसे में किशनगंज से बहादुरगंज, कोचाधामन, दिघलबैंक, टेढ़ागाछ जाने के लिए आवाजाही करना मुश्किल हो जाएगा। लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। संवेदक की लापरवाही के कारण पुल निर्माण का काम मंथर गति से चल रहा है। स्थिति है कि संवेदक अपनी मनमर्जी से काम करते हैं। दो दिनों पूर्व कार्यस्थल पर सन्नाटा पसरा था। अभी तो पुल के फांउडेशन का ही काम हुआ है। एक भी पीलर का निर्माण शुरु नहीं हो सका है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य की गति कितनी तेज है। जबकि पिछले वर्ष अक्टूबर माह में ही यहां पुल निर्माण का काम शुरु किया गया था। पुल निर्माण का डेड लाइन निगम द्वारा 30 सितंबर 2019 तय की गई है। जून माह शुरु हो चुका है। अब मानसून का भी आगाज हो जाएगा। ऐसे में बरसात में काम फिर बंद रहेगा। अब देखना है कि तय डेड लाइन तक पुल निर्माण का काम पूरा होता है कि नहीं। किशनगंज-बहादुरगंज मुख्य सड़क पर बन रहे इस पुल का निर्माण राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है। इसकी लागत पांच करोड़ रुपए रखी गई है। वर्ष 2017 के अगस्त माह में आई विनाशकारी बाढ़ ने किशनगंज से बहादुरगंज के लिए लाइफ लाइन माने जानेवाली इस सड़क को भेड़ियाडांगी के समीप ध्वस्त कर दिया था। जिस कारण करीब एक सप्ताह तक बहादुरगंज का सड़क संपर्क भंग रहा था। जिला प्रशासन की पहल पर आवागमन सुलभ कराने के लिए किसी तरह ईंट व मिट्टी डालकर डायवर्सन बना आवागमन चालू कराया गया था। तब से आज तक डायवर्सन होकर ही लोग बहादुरगंज आना जाना करते हैं।

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