किशनगंज :- शराबी पति की हरकत से तंग आकर पत्नी ने ऐसा कदम उठाया कि जिस घर से महज 10 दिन बाद बेटी की डोली निकलनी थी, उस घर से अर्थी निकली। शनिवार शाम को बेटी चंद्र रेखा का शव कैरी बीरपुर पंचायत के कुंवारी बैसा गांव पहुंचते ही फिर एक बार लोग मर्माहत हो उठे। अपना कोई सगा सिलीगुड़ी अस्पताल में मौजूद नहीं रहने के कारण शव का पोस्टमार्टम करने में काफ़ी विलंब हुआ। बताते चले कि 19 वर्षीय चंद्र रेखा की शादी बांसबाड़ी गांव के एक युवक से 8 मई को होनी थी। जबकि उसकी मां प्रिया देवी सिलीगुड़ी के एक अस्पताल में जिदगी और मौत से जूझ रही है। घर में मौजूद चार अबोध बच्चों के दिलों पर क्या गुजर रही होगी ,यह सोचकर हर किसी की आंखे नम हो रही है। एक तरफ पिता जेल में है तो दूसरी तरफ माता अस्पताल में जिदगी और मौत से जूझ रही है। बड़ी बहन के गुजर जाने व परिवार में कोई बड़ा नही रहने के कारण घर मे मौजूद चारों बच्चे काफी सदमे में हैं और रो-रो कर सबका बुरा हाल है।

एक शराबी पति के प्रताड़ना व उनके चाल चलन से तंग आकर एक पत्नी ने अपने पांच बच्चों के साथ आग लगा कर आत्मदाह की कोशिश ने लोगों को झकझोर दिया। हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के पीछे के सही कारणों का खुलासा तो पुलिस की जांच के बाद ही हो पाएगा। पुलिस ने आरोपित पति धर्मदास बसाक को जेल भेज दिया है।

क्या है माज़रा

गत 24 अप्रैल की रात कुंवारी बैसा गांव में सत्संग समारोह चल रहा था। सत्संग समारोह में प्रिया देवी भी अपने सभी पांचों बच्चों के साथ पहुंची थी। इसी दौरान उनके पति धर्मदास बसाक भी वहां आ पहुंचाऔर शराब के नशे में सत्संग समारोह में उधम मचाने लगा, लोगों ने धर्मदास की इस हरकत से आक्रोशित होकर इसकी सूचना बिशनपुर ओपी पुलिस को दी। वहीं पति के इन हरकतों को देखकर प्रिया देवी को काफी अघात लगा और वह सत्संग समारोह से सभी बच्चों के साथ घर पहुंचीं और कमरे को अंदर से बंद कर दिया। बंद कमरे में किरासन तेल छिड़क कर बच्चों के साथ अपने को आग के हवाले कर दिया। इस वारदात में प्रिया देवी उनकी बड़ी बेटी चंद्र रेखा बुरी तरह झूलस गई। जबकि छोटी बेटी 12 नंदनी कुमारी, कुंदनी कुमारी, पुत्र संतदेव कुमार व नौतन कुमार ने चौकी के नीचे घुसकर अपनी जान बचाई। घटना की जानकारी मिलते ही लोग वहां पहुंच कर आग से बुरी तरह झूलसी प्रिया देवी और चंद्र रेखा को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोचाधामन ले गए। जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों के नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है।

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