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कलयुगी पुत्र ने माता-पिता की टांगी से मार की हत्या

गुमला:- बिशुनपुर थाना क्षेत्र के होलँग ब्रिजया टोली गांव में रविवार की दोपहर कलयुगी पुत्र 20 वर्षीय विनोद ब्रिजया ने अपने 55 वर्षीय माता सानियारो ब्रिजया एवं 60 वर्षीय पिता सुखराम ब्रिजया की टांगी के पिछले हिसा से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के संबंध में गुमला एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल ने बताया कि सनियारों ब्रिजया एवं सुखराम अपना छोटा बेटा विनोद ब्रिजया के एक साथ घर मे रहते थे। पूरा परिवार जंगल से लकड़ी लाकर बेचने का काम एवं बांस का सुप दौरा बनाने कर बेचने का काम करते थे। विनोद ब्रिजया शुक्रवार को जंगल से तीन भार लकड़ी बेचने के लिए लाकर अपने घर में रखा था। जिसे उसका पिता सुखराम ब्रिजया ने बिशुनपुर ला कर दो भार लकड़ी बेच दिया। इधर रविवार की दोपहर करीब 12:00 बजे विनोद ब्रिजया गांजा एवं शराब की नशे में धुत होकर अपना घर पहुंचा तो देखा कि उसका दो भार लकड़ी घर में नहीं है, तो वह घर से टांगे निकाल कर अपनी मां सनीयारों ब्रिजया को टांगी के पिछले हिस्से से मार कर पूछने लगा कि मेरा लकड़ी जिसे मैं जंगल से लेकर आया था वह क्या हो गया। तो उसकी मां ने बताई कि तुम्हारे पिता लकड़ी को बेचने बिशुनपुर ले गए हैं। जिसके बाद पुनः विनोद ने अपनी मां को मारने लगा तो वह भागते हुए झाड़ी में घुस गई, जहां उसकी मौत हो गया। इधर विनोद टांगी पकड़ कर अपने पिता को खोजने के लिए बिशुनपुर आ रहा था। तभी वह घर से कुछ दूर पर लकड़ी बेचकर लौटने के दौरान रास्ते में मिल गया। तो बिनोद ने अपने पिता सुखराम ब्रिजिया को मेरा जंगल से लाया हुआ लकड़ी को क्यों बेच दिया बोल कर  टांगी के पिछले हिस्से से मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद गुमला एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल, बिशुनपुर थाना प्रभारी सदानंद सिंह, प्रखंड प्रमुख रामप्रसाद बड़ाईक, स्थानीय मुखिया पति प्रदीप उरांव, एसआई अंकुर कुमार, मनोज कुमार सोरेन, अपने दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचे जहां से आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर दोनों शव को कब्जे में ले लिया। घटनास्थल से पुलिस ने टांगी एवं विनोद के पास से गांजा बरामद किया है। इधर पुलिस के द्वारा  मामले की छानबीन की जा रही है।

निर्दई पुत्र एक बार भी नहीं सोचा कि मेरे माता-पिता ने लकड़ी बेचकर ही मेरा लालन पालन किया हैं

सुखराम ब्रिजया का घर जंगल से काफी करीब है और वे लोग हस्तनिर्मित सूप दउरा एवं जंगल से सुखी जलावन की लकड़ी बेच कर जीविका उपार्जन करते आ रहे थे। सुखराम का 1 पुत्र पलायन कर अन्य राज्य में काम करने गया है दूसरा आरोपी पुत्र 20 वर्षीय विनोद बृजिया अपने माता पिता के साथ घर में रखकर जंगल से लकड़ी ला कर बेचकर शराब पीने का काम करता था। इस निमित्त शुक्रवार को वह जंगल से लकड़ी ला कर मार्केट में बेचने के उद्देश्य से घर में तीन भार लकड़ी लाकर रखा था। परंतु आर्थिक तंगी होने के कारण सुखराम ने पुत्र का लाया हुआ लकड़ी जिसकी कीमत महज मार्केट में बेचने से ₹300 की थी। को बेच डाला ताकि घर का खर्चा चला सके और अपने पुत्र सहित अपनी पत्नी का पेट भर सके। परंतु कलयुगी निर्दई पुत्र ने गुस्से में आकर अपने माता पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। एक बार ही नहीं सोचा कि मेरे माता पिता के द्वारा मेरी लालन-पालन करने के लिए ना जाने अपने जीवन काल में कितनी भार लकड़ी बेचीं होगी।

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