May 16, 2021

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नही रहे जेएमएम के फाउंडर मेम्बर साइमन मरांडी पांच बार विधायक, दो बार सांसद बने

अपनी पत्नी को भी चार बार विधायक बनाया, अभी पुत्र हैं विधायक

पाकुड:- झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के फाउंडर मेम्बर साइमन मरांडी का निधन कोलकाता के नेताजी हॉस्पिटल में सोमवार देर रात्रि को हो गया। साइमन मरांडी विगत एक माह से कोलकाता में इलाज करा रहे थे। ह््रदय रोग के अलावे कई गभीर रोग से ग्रसित साइमन मरांडी के साथ इलाज के दौरान उनके विधायक पुत्र दिनेश विलियम मरांडी सहित उनका परिवार कोलकाता में ही उनकी देखभाल कर रहे थे।
साइमन मरांडी दो बार राजमहल क्षेत्र के सांसद और पांच बार विधायक तथा झारखण्ड राज्य के मंत्री भी रहे। इनके व्यवहार और अपनापन के कारण क्षेत्र के लोग इन्हें दादा के नाम से ज्यादा पुकारते थे। इन्होंने पाकुड, साहिबगंज ,दुमका , गोड्डा , जामताड़ा देवघर यानी पूरे संताल परगना में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की जमीन मजबूत करने नये लोगो को पार्टी में लाकर संगठन को मजबूत करने में अपनी सूझबूझ दिखाते हुए पूरी ताकत लगायी थी। जिसका लाभ भी झामुमो को मिला। गुरु जी (शिबू सोरेन) को संताल की जमीन में दिशोम गुरु बनाने वालों में एक नाम साइमन मरांडी तो दूसरा नाम सूरज मंडल भो आता है। आज सुबह कोलकाता से स्वर्गीय साइमन मरांडी का शव पाकुड जिला स्थित उनके हिरणपुर आवास के लिए निकल चुका है। परिजनों ने बताया कि 14 अप्रैल यानी कल उनके शव को उनके लिटीपाड़ा प्रखंड के ताल पहाड़ी डुमरिया स्थित उनके पैतृक आवास के निकट दफनाया जाएगा।

1977 में पहली बार निर्दलीय चुनाव जीते, जेएमएम का गठन किया

साईमन मरांडी ने छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत की थी। साइमन ने पहली बार 1977 में बतौर निर्दलीय मरांग मुर्मू को 149 मतों से हराकर लिट्टीपाड़ा का नेतृत्व किया था। बाद में उन्होंने शिबू सोरेन के साथ मिलकर झामुमो बनाया। साइमन मरांडी ने पांच बार यहां से लगातार जीत हासिल की। 1989 में लोकसभा चले जाने के कारण साइमन ने यह सीट अपनी पत्नी सुशीला हांसदा को सौंप दी। वर्तमान में इस लिट्टीपाड़ा सीट से उनके पुत्र दिनेश विलियम मरांडी विधायक हैं। साइमन मरांडी पांच बार 1977, 1980, 1985, 2009, में 2017 विधायक रहे हैं। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में जेएमएम से बगावत कर बीजेपी की टिकट से चुनाव लड़े, परंतु हार गये, बाद में वे जेएमएम में वापस लौट आये और उपचुनाव में वर्ष 2017 में वे फिर से विधायक निर्वाचित हुए।वर्ष 2019 के चुनाव में अपने खराब स्वास्थ्य की वजह से उन्होंने अपने पुत्र दिनेश विलियम्स मरांडी को चुनाव लड़ाया और वह विजयी रहे। इससे पहले वे जेएमएम के टिकट पर राजमहल सीट से 1989 और 1991 में सांसद रह चुके हैं। हेमंत सोरेन की सरकार में साल 2013 में मंत्री भी बनाए गए थे। वहीं साइमन मरांडी की पत्नी सुशीला हांसदा भी 1990 से 2009 तक लिट्टीपाड़ा से लगातार चार बार विधायक रही।

मुख्यमंत्री समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं लिट्टीपाड़ा से पूर्व विधायक साइमन मरांडी जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। झारखंड संघर्ष में विशेष योगदान देने वाले साइमन दा की कमी हमेशा खलेगी। परमात्मा उनकी आत्मा को शांति प्रदान कर परिवार और कार्यकर्ताओं को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने भी साईमन मरांडी के निधन पर दुःख व्यक्त किया है।
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी उनके निधन पर ट्वीट कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, साइमन मरांडी जी के निधन की दुखद सूचना मिलने से मन व्यथित है। झारखंड ने आज अपना एक लाल खो दिया है। उनसे आत्मीय संबंध थे। ईश्वर से उनकी आत्मा के शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। ईश्वर परिजनों और शुभचिंतकों को दुख सहने का साहस दे।

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