June 21, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

झारखण्ड के लघु-मध्यम उद्योगों को औद्योगिक ऑक्सीजन के उत्पादन और दोहन की मिले अनुमति : महेश पोद्दार

रांची:- झारखंड से राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने झारखण्ड के लघु-मध्यम उद्योगों को औद्योगिक ऑक्सीजन के उत्पादन और दोहन की अनुमति देनेकी मांग की है। श्री पोद्दार ने इस आशय का एक पत्र भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत औद्योगिक संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभागको लिखा है। श्री पोद्दार की दलील है कि कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए एक तरफ जहां ऑक्सीजन की जरूरत कम हुई है, वहीं देश के ज्यादातर अस्पतालों में ऑक्सीजन के डेडीकेटेड प्लांट्स लग गए हैं। इसी आधार पर कई प्रमुख उद्योगों को ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल उत्पादनऔर दोहन की अनुमति मिल गयी है। लेकिन झारखंड की सरकार इस मामले में अबतक अनिर्णय की स्थिति में है जिससे सैकड़ों उद्यम बंद पड़े हैं और लाखों श्रमिक बेरोजगार हैं।
अपने पत्र में श्री पोद्दार ने कहा है कि कोरोना महामारी का प्रकोप पूर्व की तुलना में काफी कम हुआ है, गंभीर स्थिति में मरीजों के अस्पताल पहुंचने की स्थिति अपेक्षाकृत काफी कम देखने को मिल रही है। साथ ही, भारत सरकार और केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की तत्परता से पूरे देश में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारु रूप से हो रही है। कोरोना की दूसरी लहर के भीषण प्रकोप के दौरान बड़ी मात्रा में मेडिकल आक्सिजन की जरूरत और ततसंबंधी भारत सरकार एवं संबंधित राज्य सरकारों के निर्देश पर हर सक्षम औद्योगिक इकाई ने इन्डस्ट्रियल आक्सिजन का उत्पादन-दोहन रोककर मेडिकल आक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में भरपूर सहयोग दिया।इस कार्य में लघु एवं मध्यम उद्योगों का योगदान उल्लेखनीय रहा।
परंतु, वर्तमान परिस्थिति में ऐसे उद्यमों से मेडिकल आक्सिजन की मांग मुश्किल से 30-40प्रतिशत ही रह गयी है। ऐसा आक्सिजन की मांग कम होने के साथ-साथ पीएम केयर फंड से देश के अधिकांश अस्पतालों में डेडीकटेड आक्सिजन प्लांट लगाये जाने के कारण भी संभव हो सका है।वर्तमान स्थिति यह है कि इन्डस्ट्रियल आक्सिजन का उत्पादन बंद होने के कारण लाखों कामगार बेरोजगार बैठे हैं और उद्यमियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा हैद्यअकेले जमशेदपुर और आदित्यपुर इन्डस्ट्रियल एरिया में टाटा मोटर्स की एनसीलरीज सहित 900 उद्यम प्रभावित हैं और करीब 40-50 हजार कामगार बेरोजगार हैं। इसके अलावा फैब्रिकेटिंग सहित कई अन्य छोटे-छोटे उद्यम चलानेवाले भी बेकार बैठे हैं, जबकि उनकी जरूरतें भी बहुत ज्यादा नहीं है।
यह स्थिति तब है जबकि झारखण्ड में आक्सिजन की उपलब्धता सरप्लस है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इन्डस्ट्रियल आक्सिजन के उत्पादन-दोहन की अनुमति प्रदान कर दी है। भारत सरकार ने भी स्टील और रक्षा क्षेत्र सहित कई उद्यमों को इन्डस्ट्रियल आक्सिजन के उत्पादन-दोहन की अनुमति प्रदान कर दी है।जबकि झारखण्ड सरकार इस मामले में निर्णयनहीं ले में पा रही हैद्य परंतु, निर्णय लेने में हो रहा विलंब झारखण्ड के उद्यमियोंऔर कामगारों के लिये अत्यधिक कष्टकारी साबित हो रहा है।

Recent Posts

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: