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72 घंटे की बारिश से पानी-पानी हुआ झारखंड


सड़क बना तालाब , कई मकान डूबे, अधिकांश डैम और नदियांउफान पर

झारखंड में पिछले 72 घंटेतक लगातार बारिश से राजधानी सहित आसपास का क्षेत्र पानी पानी हो गया। कहीं सड़कों पर जलजमाव हो गया, तो कहीं निचले इलाकों में पानी भर गया। राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। शहर में हुई बारिश से राजपथ पर अरगोड़ा चौक के पास जल जमाव से तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। बारिश के पानी में सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह से डूब गया। पानी इतना भर गया कि बाइक सवार सड़क की दूसरी तरफ से आना-जाना करते देखे गये। पैदल चलने वालों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रात से हुई लगातार बारिश के बाद आज सुबह शहर के अधिकांश क्षेत्रों में जलजमाव देखा गया। इससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के कारण चान्हो में सिलागाई नदी उफान पर है। जलस्तर पुल से चार फीट नीचे रह गई है।
मॉनसून सीजन में पहली बार डीप डिप्रेशन बना, कल से मिलेगी राहत
राची स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि इस मॉनसून सीजन में पहली बार डीप डिप्रेशन बना है। बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। जिसके असर से पूरे राज्य में बारिश हो रही है। डीप डिप्रेशन समुद्र मेंतूफान बनने से पहले की स्थिति है। उन्होंने बताया कि कल से बारिश में कमी आएगी और तीन-चार दिनों तक कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी।
पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश 128.4 मिमी कुड़ू में हुई। मांडर 126.2, अड़की में 115 मिमी, लोहरदगा में105.6मिमी, लातेहार में 105मिमी, रामगढ़ में 104.8मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी। जबकि रांची में 58मिमी बारिश हुई। रांची में 1 जून से लेकर 15सितंबर तक 1404 मिमी बारिश हो चुकी है।
भारी बारिश से फसल को नुकसान
लगातार बारिश से जहां धान के फसल लहलहा गए हैं वहीं सब्जी उत्पादकों के चेहरे पर मायूसी है। बारिश के कारण खेतों में तैयार सब्जियां नष्ट हो गयी है, जिसके कारण सब्जियों की कीमत में भी इजाफा होने की उम्मीद है।
सभी डैम और नदियां उफान पर
बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़कों पर जगह जगह पानी भर जाने और पेड़ गिर जाने से कई जगह आवागमन घंटों प्रभावित हुआ है। बारिश के कारण हजारीबाग की कई नदियों में बाढ़ से हालात हैं। तोपचांची झील, मैथन व पंचेत डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इधर, जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। वहीं, जमशेदपुर शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जुगसलाई और बागबेड़ा में सुबह तक कई घरों में पानी भर गया है। चक्रधरपुर मेंसंजय नदी उफान में है। जबकि चाईबासा में कई जगह पेड़ गिर जाने से आवागमन घंटों बाधित रहा।

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