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झारखंड में प्रतिदिन 2200 मेगावाट बिजली की आवश्यकता, उत्पादन सिर्फ 550 मेगावाट


रांची:- झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधायक प्रदीप यादव ने विधानसभा में बिजली उत्पादन और आपूर्ति का मुद्दा उठाया। उनके प्रश्न के उत्तर में ऊर्जा विभाग के प्रभारी मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि झारखंड में प्रतिदिन 2200 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है। इसमें से राज्य में स्थापित संयंत्रों की क्षमता 550मेगावाट है। जिसमें सिकीदिरी जल परियोजना से 130 और तेनुघाट ताप विद्युत निगम, टीपीएनएल 420 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव हैं। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड, ऊर्जा विकास निगम लि., उत्पादन निगम लि और झारखंड सरकार के बीच हुए संयुक्त उद्यमी समझौके अनुसार पुराने यूनिट से 115 से 120 मेगावाट बिजली देने का प्रावधान था, लेकिन पर्यावरण और अन्य कारणों की वजह से पुराने यूनिट का संचालन नहीं हो पाया। इसके एवज में एनटीपीसी द्वारा कोरवा तथा फरक्का-3 से झारखंड को 50-50 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की जा रही हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पतरातू में प्रथम चरण में 2400 मेगावाट की तीन विद्युत संयंत्र पतरातु विद्युत उत्पादन निगम लि. की स्थापना प्रक्रियाधीन है, जिसकी पहली यूनिट 800 मेगावाट की संचालन 2023-24 में संभावित है तथा अन्य इकाईयों की स्थापना छह माह के अंतराल में संभावित हैं। इस प्रकार राज्य की जनता को गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध करायी जा सकेगी।

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