April 13, 2021

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झारखंड विधानसभा में 91277 करोड़ का बजट पेश आगामी वित्तवर्ष में कृषि ऋण माफी के लिए 1200 करोड़ का प्रावधान

रांची:- झारखंड विधानसभा में आज वित्तमंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 91277 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है, जिसमें राजस्व व्यय के लिए 75755.01 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत व्यय 15.521.99 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पहली बार 11 विभागों के लिए आउटकम बजट पेश किया गया। इसका उद्देश्य बजट राशि खर्च करने में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना है।
विधानसभा में दोपहर 12 बजे से जैसे ही वित्तमंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने बजट भाषण शुरू किया, मुख्य विपक्षी दल भाजपा विधायकों की ओर से भी समानांतर भाषण शुरू कर दिया गया। भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह भी पूरे बजट भाषण के दौरान समानांतर भाषण देते रहे, वहीं वेल में आकर धरना पर बैठे विपक्षी सदस्य बीच-बीच में तालियां बजाकर उनका स्वागत करते रहे,जबकि भाजपा विधायक सीपी सिंह को प्रतिकात्मक रूप से विपक्ष की ओर से स्पीकर बनाया गया था।
वित्तमंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने बताया कि बजट में ग्रामीण विकास, जल संसाधन, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विकास के लिए समेकित रूप से 18653 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है, जो कोरोना महामारी की विषय परिस्थितियों के बावजूद वित्तीय वर्ष 2021-21 से लगभगत 11 प्रतिशत अधिक है। आगामी वित्तीय वर्ष में कृषि ऋण माफी के लिए 1200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पलाश ब्राण्ड के जरिये एक नयी पहचान देकर 2 लाख ग्रामीण महिलाओं की आमदनी में बढ़ोत्तरी सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक लगभग 1 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया है और आगामी वित्तीय वर्ष में इस योजना का विस्तार तेजी से किया जाएगा।
मनरेगा योजना के अंतर्गत 1,150 लाख मानव दिवस सृजन किया गया और मजदूरी दर को 194 रुपये से बढ़ाकर 225 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत वर्ष 2021-22 में 25 हजार एकड़ भूमि पर इस कार्य को कराने का लक्ष्य रखा गया है। स्वस्थ समाज की परिकल्पना को लेकर गुरुजी किचन योजना नामक एक नयी योजना की शुरुआत वर्ष 2021-22 में की जाएगी। जबकि 15 लाख लाभुकों को 5 किलोग्राम चावल 1 रुपये प्रति किलोग्राम की अनुदानित दर पर उपलब्ध करायी जाएगी। वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनुदानित दर पर धोती, साड़ी और लुंगी का वितरण किया जाएगा।
वर्ष 2024 तक राज्य के सभी 58 लाख 95 हजार से अधिक परिवारों को नल जलापूर्ति योजना का लाभ उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, इसके तहत 2021-22 में कवरेज को 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया गया है। जलजीवन मिशन के तहत 15 हजार एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना का भी निर्माण किया जा रहा है। वहीं मरड. गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत 10 आदिवासी युवाओं को देश से बाहर उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत एसटी,एससी, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दिव्यांगजन के युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण राशि का 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5लाख का अनुदान देने की योजना बनायी गयी है।
बजट में कुपोषण हटाने की दिशा में साझा पोषण कार्यक्रम की शुरुआत करने और सार्वभौगिक पेंशन योजना की शुरू की जाएगी और झारखंड खुला विश्वविद्यालय की स्थापना होगा। वहीं शहरी क्षेत्र को हरा भरा करने के लिए शहरी वानिकी योजना नामक नई योजना की शुरुआत की जाएगी।

बजट की प्रमुख घोषणाएं

/प्रमंडल मुख्यालयों में गो मुक्तिधाम की स्थापना होगी, जहां वृद्ध एवं बीमार गोवंश पशुओं को संरक्षित किया जायेगा।
/किसानों को खेती में मदद के लिए अनुदान पर सरकार जोड़ा बैल उपलब्ध करायेगी।
/ धनबाद, देवघर व गिरिडीह में माइनिंग कॉरीडोर के साथ रिंग रोड बनाया जायेगा।
/झारखंड में खुला विश्वविद्यालय (वचमद नदपअमतेपजल) की स्थापना की जाएगी।
/ राज्य में मनरेगा की मजदूरी में 31 रुपये की वृद्धि की गई है। अब इसके तहत 225 रुपये मजदूरी मिलेगी।
/500 बेड वाले रांची सदर अस्पताल को मार्च के पहले पूर्ण कराकर संचालित कर दिया जाएगा।
/2021-22 में राज्य के विभिन्न जिलों में 250 पुलों का निर्माण कराया जायेगा।
/सरकार ने पक्का आवास उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए इस वित्तीय वर्ष में 02 लाख 45 हज़ार नए आवास बनाने का लक्ष्य तय किया है।
/नशापान से मुक्ति के लिए एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी सेंटर खोला जाएगा। राज्य के 12 जिलों के सरकारी चिकित्सालय में ये सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
/ स्वस्थ हो चुके मानसिक रोगियों के पुनर्वास के लिए रांची, पूर्वी सिंहभूम तथा धनबाद में 30 30 लोगों के लिये हाफ वे होम संचालित करने की योजना हैं।
/ 108 नंबर एंबुलेंस सर्विस को और गति देने के लिए 117 नयी एंबुलेंस ली जायेंगी।
/राज्य में निर्मित या निर्माणाधीन 10 ट्रामा सेंटर को सुविधासंपन्न बनाया जायेगा। 8 दुर्घटना संभावित स्थानों के पास नये ट्रामा सेंटर की स्थापना की योजना
/गुरुजी किचन योजना की होगी शुरुआत। इस योजना के तहत वर्तमान में चलाए जा रहे दाल भात केंद्रों के अतिरिक्त भोजन की विविधता गुणवत्ता एवं स्वच्छता को बेहतर करने के उद्देश्य नए भोजन केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
/शहरों में खाली पड़ी जमीन पर गृह वाटिका का निर्माण होगा और 24 नगर निकायों में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट लगाने की घोषणा की गयी है।
/राज्य के प्रमुख शहरों को जोड़नेवाली सड़कों को फोर-लेन बनाया जायेगा।
/बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास के लिए प्रत्येक जिला में 10 लाख रुपये के कॉर्पस फंड का गठन कर लिया गया है।
/लुगुबुरु एवं रजरप्पा की महत्ता को देखते हुए इन्हें वृहद पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा
/ कृषि को बढ़ावा देने के लिये, किसान सर्विस सेंटर की स्थापना की जायेगी।
/कुपोषण हटाने के लिए साझा पोषण कार्यक्रम का किया जाएगा शुभारंभ।
/झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 1.5 लाख श्रमिकों का निबंधन करते हुए उनके हित के लिए संचालित योजनाओं से लाभान्वित कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
/ पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के 3 गुना 800 मेगावाट पतरातू थर्मल पावर स्टेशन और एनटीपीसी के 3 गुणा 660 नार्थ कर्णपुरा सुपर थर्मल पावर स्टेशन से उत्पादित होने वाली बिजली के लिए पर्याप्त संचरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा

बजट, रुपया कहां से आएगा
केंद्रीय कर में राज्य का हिस्सा – 24.17प्रतिशत
राज्य का अपना टैक्स- 24.49 प्रतिशत
राज्य का गैर टैक्स- 14.79प्रतिशत
सहायता अनुदान- 19.60प्रतिशत
कर्ज- 15.89 प्रतिशत
ऋण वसूली व अग्रिम- 0.07 प्रतिशत

बजट,रुपया कहां जाएगा
कृषि, जल संसाधन- 6.28प्रतिशत
खाद्य आपूर्ति- 2.31प्रतिशत
स्वास्थ्य पेयजल- 8.55प्रतिशत
शिक्षा – 14.52प्रतिशत
श्रम कौशल विकास – 0.49प्रतिशत
कल्याण सामाजिक सुरक्षा – 8.50
पुलिस आपद प्रबंधन- 8.33प्रतिशत
सडक परिवहन- 4.77प्रतिशत
ग्रामीण विकास- 14.26प्रतिशत
शहरी विकास- 3.10प्रतिशत
ऊर्जा – 4.78प्रतिशत
वन पर्यावरण- 0.90प्रतिशत
ऋण भुगतान- 5.22प्रतिशत
ब्याज – 6.78प्रतिशत
पेंशन – 7.45प्रतिशत
अन्य- 4.26प्रतिशत

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