झांसी:- उत्तर प्रदेश के झांसी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं डॉ एस एन मेहरोत्रा फाउंडेशन कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को आयोजित कैंप में सर्जरी के लिए 10 बच्चों को चिंहित किया गया। इस दौरान 22 बच्चों की जांच की गयी।
यहां जिला अस्पताल में आयोजित किये गये इस शिविर के बारे मे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ़ सुधाकर पांडे ने बताया कि प्रत्येक वर्ष आरबीएसके और डॉ एस एन मेहरोत्रा फाउंडेशन कानपुर के सहयोग से मूक बधिर बच्चों की स्क्रीनिंग हेतु कैंप आयोजित किया जाता है। इस दौरान चिन्हित किए बच्चों की निशुल्क सर्जरी कराई जाती है। यदि कोई निजी अस्पताल में इस तरह की सर्जरी कराता है तो उसके करीब पांच से छह लाख रुपए तक खर्च होते हैं लेकिन आरबीएसके कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे बच्चो का नि:शुल्क उपचार मेहरोत्रा फाउंडेशन के सहयोग से किया जाता है। इस दौरान सर्जरी में अभिभावक को कोई पैसा नहीं देना पड़ता है।
इस शिविर में हिस्सा लेने वाली डॉ़ नीलमलता आनंद ने बताया कि आज लगाए गये शिविर में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक 0 से 05 साल की उम्र के जन्म से ही मूक बधिर बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए जांच की गयी और 22 मे से 10 बच्चों को सर्जरी के लिए चुना गया।
आरबीएसके डीईआईसी मैनेजर डॉ रामबाबू कुमार ने बताया कि जन्म से ही मूक बधिर बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं। इस प्रकार की दिव्यांगता को सही करने के लिए बच्चो की उम्र जितनी कम होती है, उतनी ही सर्जरी की सफलता की संभावना अधिक होती है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम,के अंतर्गत अब तक मूक बधिरता से ग्रसित सोलह बच्चों की सर्जरी कराई जा चुकी हैं। वर्ष 2020-21 में 08 सर्जरी, वर्ष 2021- 22 में 06 सर्जरी, वही 2022 में अब तक 02 बच्चों की सर्जरी हो चुकी है व 03 बच्चों की जल्द हो सर्जरी प्रस्तावित है।
आज आयोजित शिविर में डीईआइसी मैनेजर डाॅ़ राम बाबू, डाॅ़ नीलम लता आनन्द, डाॅ़ वृशाली यादव, डाॅ़ मोनिका मिश्रा, डाॅ़ रंजना वर्मा, डाॅ़ तसनीम कौसर, डाॅ़ सरोज श्रीवास एवं शिवेन्द्र प्रताप मौजूद रहें।

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