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शीघ्र हासिल होगा 75 अरब डालर के आभूषण निर्यात का लक्ष्य: अनुप्रिया


नयी दिल्ली:- केंद्रीय वाणिज्य एवं राज्य उद्योग मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को कहा कि रत्न और आभूषण उद्योग का अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है और सरकार के सुधारों से जल्दी ही इनका निर्यात 75 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा । श्रीमती पटेल ने बेंगलुरु में भारतीय अंतरराष्ट्रीय आभूषण प्रदर्शनी 2021 का उद्घाटन करते हुए कहा की सरकार ने स्वर्ण उद्योग तथा रत्न- आभूषण बाजार से जुड़ी प्रक्रिया में कई सुधार किए हैं। इससे यह उद्योग जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पुराना स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान स्वर्ण, रत्न और आभूषण उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसके निर्यात में 98 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई । सरकार इस स्थिति से अवगत है और इसमें उद्योग के साथ पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण मुद्रीकरण योजना में सुधार किया गया है। उद्योग के विकास और विस्तार के लिये सोने के आयात शुल्क में कमी की गयी है। ये सुधार रत्न एवं आभूषण उद्योग को इस वर्ष 43.75 अरब डालर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेंगे। इसके अलावा आने वाले वर्षों में रत्न तथा आभूषण निर्यात 75 अरब डालर का लक्ष्य हासिल होगा। रत्न और आभूषण क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में लगभग सात प्रतिशत का योगदान देता है और 50 लाख व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराता है। देश के कुल निर्यात में इसकी 10-12 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।
श्रीमति पटेल ने कहा कि प्रक्रिया में सुधार करते हुए सरकार ने कई उपाय किए हैं। इनमें संशोधित स्वर्ण मुद्रीकरण योजना, सोने के आयात शुल्क में कमी और हॉलमार्किंग शामिल हैं। इनसे उद्योग के विकास और विस्तार में बहुत मदद मिलेगी उन्होंने कहा कि रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद – जीजेईपीसी और उद्योग के अन्य मुद्दों पर भी गौर किया जा रहा है और जल्द ही हल होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कच्चे माल के किसी भी महत्वपूर्ण घरेलू उत्पादन के बिना भारत अन्य क्षेत्रों के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक होने के साथ-साथ हीरा निर्माण और निर्यात में अग्रणी के रूप में उभरा है। इस उद्योग में सोने के आभूषण, चांदी के आभूषण, रंगीन रत्न और कृत्रिम पत्थर शामिल हैं।

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