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जेडीयू ने लालू यादव पर साधा निशाना, कहा- आपके तो दोनों हाथों में लड्डू, बस करिए ये काम


पटना:- बिहार की राजधानी पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश कार्यालय को बढ़ाने के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने नीतीश सरकार से जमीन की मांग की थी. लेकिन प्रावधानों का हवाला देते हुए भवन निर्माण विभाग ने उनकी मांग को खारिज कर दिया है. जमीन नहीं मिलने से नाराज आरजेडी ने जेडीयू पर हमला बोला था. पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पूछा था, ” तीसरी नंबर की पार्टी होने के बावजूद जेडीयू ने किन प्रावधानों के तहत अपना कार्यालय बढ़ा लिया. ये हमारे समय नियम कानून बता रहे.”
तेजस्वी को अपने कार्यकाल में नहीं हुई चिंता
अब आरजेडी के वार पर जेडीयू पलटवार किया है. जेडीयू प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने शनिवार को कहा, ” आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा प्रदेश कार्यालय के विस्तार के लिए भूमि आवंटन के संबंध में मीडिया में बयान दिया जा रहा है. लेकिन ऐसा करके वो खुद तेजस्वी यादव पर हमला बोल रहे हैं. तेजस्वी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कृपा से 20 महीने भवन निर्माण मंत्री रहे, लेकिन तब उन्हें अपने दल के कार्यालय की चिंता नहीं हुई.”
नीरज कुमार ने कहा, ” 2010 के विधानसभा चुनाव में मात्र 22 विधायक रहने के बावजूद आरजेडी ने कभी यह नहीं कहा कि हमारी सदस्य संख्या घट गई है, इसलिए हमारे कार्यालय का भूक्षेत्र घटा दिया जाए. 2010 में दल की सदस्य संख्या विपक्ष के दल के नेता के रूप में भी नामित होने लायक नहीं थी. लेकिन तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने आरजेडी को विरोधी दल के नेता के रूप नामित कर कृपा पात्र बनाया था.”
ट्रस्ट को जमीन दे दें
नीरज कुमार ने पटना के अलग-अलग जगहों पर स्थित लालू यादव की 3,11,081 वर्ग फीट जमीन की चर्चा करते हुए कहा कि बहुत सुगम रास्ता है. आरजेडी का बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज बना हुआ है. पार्टी संविधान के अनुसार उसके स्थायी अध्यक्ष भी लालू यादव ही रहेंगे. ऐसे में ट्रस्ट को जमीन दे दें. आपके दोनों हाथ में लड्डू है. आरजेडी का कार्यालय भी बन जाएगा और ट्रस्ट में सारा अधिकार आपको रहेगा. इस तरह पार्टी का काम भी चल जाएगा और संपत्ति भी आपके पास रह जाएगा.
जमीन देना संभव नहीं
दरअसल, आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने नीतीश कुमार को पत्र लिख कर पार्टी ऑफिस के बगल वाली 14000 स्क्वायर फीट जमीन आरजेडी को सौंपने की मांग की थी. इससे पहले मार्च महीने में उन्होंने निर्माण विभाग को इस बाबत पत्र लिखा था, लेकिन उनकी मांग खारिज कर दी गई थी. इधर, सरकार ने पार्टी की इस मांग पर असमर्थता जताई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को साफ तौर पर कह दिया कि जमीन देना संभव नहीं है.

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