January 16, 2021

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सोशल मीडिया के जरिये सरकार के कार्यों की जानकारी लोगों को दें : मुख्यमंत्री नीतीश

पटना:- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के कार्यों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।

श्री कुमार ने मंगलवार को यहां ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान में जन-भागीदारी’ कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से नकारात्मक खबरों को ज्यादा तरजीह दी जा रही है। सोशल मीडिया के जरिये सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी लोगों को दें। यदि किसी को गलतफहमी होती है तो उसके संबंध में भी लोगों को जानकारी देकर स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की तस्वीरों को भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के लिए लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसको लेकर सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को जल-जीवन-हरियाली अभियान दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इस अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों पर चर्चा होगी तथा आंकड़े लिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि अब तक एक करोड़ 20 लाख परिवार सूमह से जुड़ चुके हैं। 10 लाख से अधिक जीविका समूह के निर्माण के लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। खुशी की बात है कि वर्ष 2021 के जनवरी माह के आज पहले मंगलवार से जल-जीवन-हरियाली अभियान में जनभागीदारी के रूप में परिचर्चा की शुरुआत की गई है। यह परिचर्चा आखिरी नहीं है बल्कि हर माह के पहले मंगलवार को अलग-अलग ढंग से जागृति और काम के लिए बैठक होगी। श्री कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 11 अवयवों को शामिल किया गया है। इनमें से सात अवयव जल संरक्षण से संबंधित है। एक अवयव हरियाली से, एक मौसम के अनुकूल फसल कार्यक्रम से, एक अवयव सौर ऊर्जा से और एक अवयव जागरूकता अभियान से संबंधित है। उन्होंने कहा कि आज कल फसल अवशेषों को जलाने की प्रवृति बढ़ रही है, जो पर्यावरण के लिए घातक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल अवशेषों के प्रबंधन विषय पर वर्ष 2019 में पटना में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन किया गया था, जिसमें विशेषज्ञों के द्वारा कई महत्वपूर्ण बातें सामने आयी थीं। उन्होंने कहा कि पुआल न जलाने के लिए लोगों को समझाया जा रहा है, उससे होने वाले नुकसान के संबंध में बताया जा रहा है। पदाधिकारियों को पुआल नहीं जलाने के लिये लोगों को जागरूक करने को कहा गया है। मौसम के अनुकूल फसल कार्यक्रम की शुरुआत पहले आठ जिलों से की गई और बाद में शेष 30 जिलों में भी इसे शुरू कर दिया गया है।
श्री कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान यात्रा के दौरान लोगों में पर्यावरण के प्रति उन्होंने जागृति देखी थी। लोगों की जागृति का ही परिणाम है कि 19 जनवरी 2020 को जल-जीवन-हरियाली अभियान के पक्ष में पांच करोड़ 16 लाख से अधिक लोगों ने 18 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी मानव श्रृंखला बनायी थी। उन्होंने कोरोना काल में बहार से आए और राज्य के लोगों के लिए किए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि मजबूरी में रोजगार के लिए किसी को बिहार से बाहर जाने की जरूरत न हो, उसके लिए काम किया जा रहा है। औद्योगिक नीति में परिवर्तन किया गया है। पश्चिम चंपारण में बाहर से आए लोग बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं। पूरे राज्य में पश्चिम चंपारण मॉडल को अपनाकर काम किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने कोरोना काल के दौरान लोगों को राहत पहुंचाने के लिये कई कार्य किये। सरकार के बेहतरीन प्रयासों को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। इसके लिए बिहार को ‘डिजिटल इंडिया अवॉर्ड 2020’ सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान कोरोना वायरस संक्रमण में सरकार द्वारा बिहार के लोगों को समय से राहत पहुंचाने के लिए प्रदान किया गया है।
श्री कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान का अर्थ है जल और हरियाली सुरक्षित है, तभी जीवन सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा ही असली ऊर्जा है, जो सूर्य पर आधारित है। जब तक धरती और सूर्य रहेंगे, बिजली का संकट नहीं होगा। राज्य में एक लाख 56 हजार 881 सार्वजनिक पोखरों, आहरों, पईनों को तथा 3577 कुओं को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इनका जीर्णोद्धार भी कराया गया है। अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद सार्वजनिक पोखरों, आहरों, पईनों के किनारे बसे लोगों को घर बनाने के लिए राशि दी जाएगी और उनको बसाया जाएगा। गंगा जल उद्वह योजना के तहत बरसात में गंगा के पानी को स्टोर किया जाएगा और उसे शुद्ध कर पेयजल के रुप में बोधगया, गया, राजगीर और नवादा पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, ग्रामीण विकास मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने संबोधित किया। इस मौके पर विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, संबद्ध विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह और अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे जबकि वेबकास्टिंग एवं टेलीकास्टिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधि, प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी, जीविका दीदियां एवं गणमान्य व्यक्ति जुड़े थे।

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