हैदराबाद:- भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने कहा है कि इसके रोटावायरस ओरल वैक्सीन, रोटावैक की शुरुआत नाइजीरिया में बच्चों को जानलेवा रोग डायरिया से प्रतिरक्षा के लिए की गई
है।
यह वैक्सीन नवाचार में एक वैश्विक लीडर और संक्रामक रोगों के लिए वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी है।
हैदराबाद स्थित वैक्सीन निर्माता कंपनी ने एक बयान में कहा है कि रोटावायरस से होने वाले बच्चों की मौत के मामले में नाइजीरिया विश्व में दूसरे स्थान पर है और इसका वैश्विक योगदान 14 प्रतिशत है।
नाइजीरिया में रोटावायरस संक्रमण द्वारा प्रति वर्ष पांच वर्ष से कम उम्र के 50,000 बच्चों की मौत होती है।
भारत बायोटेक की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने कहा कि रोटावैक दशकों के अनुसंधान और उत्पाद विकास का परिणाम है। यह वैक्सीन अब एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य-पूर्व के कई देशों में उपलब्ध है। उन्होंने कहा, “ हमें यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि भारत का यह नया टीका पूरी दुनिया में जीवन की रक्षा कर रहा है।”
रोटावैक को जनवरी 2018 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व अर्हता प्राप्त हुई थी। पहली पीढ़ी का रोटावायरस वैक्सीन, रोटावैक का विकास भारत बायोटेक ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग और 16 अन्य अंतरराष्ट्रीय साझीदारों के सहयोग से सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अंतर्गत किया है।

Leave a Reply

%d bloggers like this: