January 28, 2021

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चालू वित्त वर्ष के अंत तक मंदी से उबरेगी भारतीय अर्थव्यवस्था: इकरा

नयी दिल्ली:- बाजार अध्ययन करने वाली कंपनी इकरा ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के मंदी से उबरने का अनुमान व्यक्त करते हुये गुरुवार को कहा कि मार्च 2021 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की गति में 7।8 प्रतिशत की गिरावट रहेगी।

इकरा ने आज जारी अपने अनुमान में कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कच्चे माल की कीमतों और श्रम लागत में बढोतरी होने से औद्योगिक क्षेत्र की गतिविधियों में मामूली सकरात्मक बढोतरी दर्ज की जायेगी। कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन में स्थिर गति से बढोतरी होने की उम्मीद जताते हुये उसने कहा कि सेवा में सुधार देखने को मिलेगी।
उसने कहा है कि तीसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में एक प्रतिशत की मामूली गिरावट रहने का अनुमान है। आर्थिक गतिविधियों में सुधार, बंपर रबी फसलों की पैदावार और कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता की उम्मीद में मजबूत मांग की उम्मीद की जा रही है। इसके अतिरिक्त सरकारी व्यय के बल पर चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 1।3 प्रतिशत रहने का अनुमान है जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट से बाहर निकल जायेगी।
स्पेक्ट्रम नीलामी से सरकार को अधिकतम 60 हजार करोड़ मिलने का अनुमान: इकरा
नयी दिल्ली (एजेंसी)। बाजार अध्ययन करने वाली कंपनी इकरा ने आज कहा कि सरकार को आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी से 55 से 60 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है क्योंकि इसमें दूरसंचार कंपनियों के बढ़ चढ़कर भाग लेने की उम्मीद कम है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने विभिन्न बैंड में 2251.25 मेगा हर्टज स्पेक्ट्रम की नीलामी करने को मंजूरी दी है जिससे वर्तमान आरक्षित मूल्य पर 3.92 लाख करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने का अनुमान है। इसके लिए इसी महीने आवेदन से संबंधित प्रक्रिया शुरू की जायेगी और नीलामी आगामी मार्च में शुरू होने की संभावना है। ये स्पेक्ट्रम 700 , 800, 900, 1800, 2100, 2300 और 2500 मेगा हर्टज फ्रीक्वेंसी बैंड में आवंटित किये जायेंगे। इससे पहले स्पेक्ट्रम की नीलामी का फैसला चार साल पूर्व वर्ष 2016 में लिया गया था। ये स्पेक्ट्रम 20 वर्ष के लिए आवंटित किये जायेंगे।
इकरा ने कहा कि आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी में कंपनियों में बढ़ चढ़कर भाग लेने की उम्मीद नहीं है क्योंकि जिनका स्पेक्ट्रम आवटन की अवधि समाप्त हो रही है वे सिर्फ नवीनीकरण के लिए भाग लेंगे और यह 800 मेगा हर्ट्ज तथा 1800 मेगा हर्ट्ज बैंड के लिए हो सकता है। 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम नीलामी की संभावना नगण्य है। इस नीलामी से सरकार को 55 हजार से 60 हजार करोड़ रुपये तक की राशि मिल सकती है। इसके लिए दूरसंचार उद्योग को 20 से 25 हजार करोड़ रुपये का तत्काल भुगतान करना होगा तथा शेष राशि 16 वर्षों में चुकाना होगा।

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