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रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के विकास में भारत रूस का विश्वसनीय भागीदार होगा: मोदी


व्लादिवोस्तोक/नयी दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के विकास में योगदान के लिए भारत रूस का एक विश्वसनीय भागीदार होगा।
श्री मोदी ने रूस के सुदूर पूर्व व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम-2021 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और रूस अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वाणिज्य के लिए उत्तरी समुद्री मार्ग खोलने में भागीदार होंगे , वहीं देश का मझगांव डॉक्स वाणिज्यिक जहाजों के निर्माण के लिए रूस के ज्वेज्दा शिपबिल्डिंग कॉम्प्लेक्स के साथ साझेदारी करेगा।
प्रधानमंत्री ने व्लादिवोस्तोक को यूरेशिया और प्रशांत का ‘संगम’ करार देते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा , “ भारत इस विजन को साकार करने में रूस का एक विश्वसनीय भागीदार होगा। मैं 2019 में जब फोरम में भाग लेने के लिए व्लादिवोस्तोक गया था तो मैंने ‘एक्ट फार-ईस्ट’ नीति के लिए देश की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। यह नीति रूस के साथ हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।”
वर्ष 2019 में व्लादिवोस्तोक से ज्वेज्दा तक जहाज पर अपनी यात्रा के दौरान उनकी बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्री पुतिन ने उन्हें ज्वेज्दा में आधुनिक जहाज निर्माण को लेकर चर्चा की थी और उम्मीद जतायी थी कि भारत इसमें भागीदारी करेगा। उन्होंने कहा , “ आज मुझे खुशी है कि भारत के सबसे बड़े शिप यार्ड में से एक मझगांव डॉक्स लिमिटेड दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक जहाजों के निर्माण के लिए ज्वेज्दा के साथ साझेदारी करेगा। भारत और रूस गगनयान कार्यक्रम के माध्यम से अंतरिक्ष अन्वेषण में भागीदार हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वाणिज्य के लिए उत्तरी समुद्री मार्ग खोलने में दोनों देशों की भागीदारी रहेगी।”
श्री मोदी ने जोर दिया कि भारत और रूस के बीच दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है और यह कोविड-19 महामारी के दौरान टीकों के क्षेत्र में परस्पर सहयोग के जरिए परिलक्षित हुआ है। उन्होंने कहा, “ महामारी के दौरान स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्रों में हमारे द्विपक्षीय सहयोग उल्लेखनीय रहे हैं।”

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