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भारत ने संभाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता, तिलमिला उठा पाकिस्‍तान


इस्लामाबादः- विश्व की सबसे शक्तिशाली संस्‍था संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में बतौरअध्‍यक्ष भारत की ताजपोशी से पाकिस्‍तान तिलमिला उठा है। भारत एक अगस्त से एक महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता संभाल रहा है। इससे पहले पाकिस्तान ने शनिवार को इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उम्मीद जताई कि नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय नियमों और कायदों का पालन करेगी। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के मुताबिक भारत के अध्‍यक्ष रहने का मतलब यह है कि पाकिस्‍तान अब एक महीने तक कश्‍मीर के मामले पर कोई भी चर्चा सुरक्षा परिषद में नहीं कर पाएगा। इसी वजह से पाकिस्‍तान को भारत के अध्‍यक्ष बनने पर मिर्ची लग रही है।
पाकिस्‍तान जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 को खत्‍म करने का कड़ा विरोध कर रहा है। यही नहीं अगले एक महीने में अफगानिस्‍तान से विदेशी सेनाएं वापस जा रही हैं और ऐसे में अफगानिस्‍तान को लेकर कई बड़े घटनाक्रम हो सकते हैं। विदेश कार्यालय (FO) के प्रवक्ता ने अगस्त महीने के लिए भारत द्वारा संरा सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाले जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, “हमें उम्मीद है कि भारत सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के दौरान प्रासंगिक नियमों और कायदों का अनुपालन करेगा।” अगस्त में भारत को मिलने वाली अध्यक्षता 2021-22 के कार्यकाल के दौरान सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर यह जिम्मेदारी निभाने का उसका पहला मौका होगा।
सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर भारत का दो साल का कार्यकाल एक जनवरी 2021 को शुरू हुआ है। भारत इसके बाद सुरक्षा परिषद में अपने दो वर्ष के कार्यकाल के आखिरी महीने, अगले साल दिसंबर, में फिर से सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करेगा। इसकी अध्यक्षता के दौरान भारत तीन प्रमुख क्षेत्रों- नौवहन सुरक्षा, शांतिरक्षक और आतंकवादनिरोधी – में उच्च स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने संरा के 15 सदस्यीय इस शक्तिशाली निकाय की आवर्ती अध्यक्षता संभालने की पूर्व संध्या पर एक वीडियो संदेश में कहा कि भारत के लिये नौवहन सुरक्षा उच्च प्राथमिकता वाली है “और सुरक्षा परिषद के लिये यह महत्वपूर्ण है कि वह इस पर समग्र रुख अपनाए।” उन्होंने कहा कि शांतिरक्षक का विषय “हमारे लंबे और नेतृत्वकारी जुड़ाव की वजह से दिल के करीब है”। उन्होंने कहा कि शांतिरक्षा के साथ भारत इस बात पर भी ध्यान केंद्रित करेगा कि शांतिरक्षकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए, विशेषरूप से बेहतर प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के जरिये और कैसे शांतिरक्षकों के प्रति अपराध करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा अग्रिम मोर्चे पर रहने वाले देश के तौर पर भारत आतंकवाद निरोधी उपायों को भी केंद्र में रखेगा।

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