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20वीं सदी की गलतियों को सुधार रहा है 21वीं सदी का भारत : मोदी


अलीगढ़:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावी शंखनाद करते हुए कांग्रेस पर आज कटाक्ष किया कि उसने अपने तप एवं त्याग से देश को दिशा देने वाले राजा महेन्द्र प्रताप सिंह जैसे राष्ट्रनायकों से देश की अगली पीढ़ियों को परिचित नहीं कराया और 20वीं सदी की उन गलतियों को 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है।बृजभूमि के इस नगर में मंगलवार को राधाष्टमी के पर्व पर अलीगढ़ में रक्षा उत्पादन गलियारे और राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की आधारशिला रखने के बाद श्री मोदी ने अपने संबोधन में नौजवानों का राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा, “भारत का इतिहास ऐसे ऐसे राष्ट्रभक्तों की गाथाओं से भरा पड़ा है जिन्होंने अपने तप और त्याग से देश को नयी दिशा दी है। ऐसे कितने ही महान व्यक्तित्वों ने सब कुछ खपा दिया लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि ऐसे राष्ट्रनायकों नायिकाओं से देश की अगली पीढ़ी को परिचित नहीं कराया गया।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “उनकी गाथाए जानने से पीढ़ियां वंचित रह गयीं। 20वीं सदी की इन गलतियों को 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है।” उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेल देव, छोटूराम या राजा महेन्द्र प्रताप सिंह हों, राष्ट्र के विकास के लिए उनके योगदान को आगे लाने के ईमानदार प्रयास हो रहे है। श्री मोदी ने राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के भारत के उज्जवल भविष्य की खातिर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का उल्लेख किया और कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें इस विश्वविद्यालय के शिलान्यास का अवसर मिला। यह विश्वविद्यालय 21वीं सदी के भारत में शिक्षा एवं कौशल की आकांक्षा के अनुरूप रक्षा अध्ययन, रक्षा उत्पादन प्रौद्योगिकी, इस क्षेत्र मेंं काम करने वाले कुशल मानवश्रम तैयार करेगा। यहां शिक्षा एवं कौशल स्थानीय भाषा में देने पर बल दिया जाएगा। अपने ताला उद्योग के कारण विख्यात अलीगढ़ में रक्षा उत्पादन गलियारे के शिलान्यास के मौके पर प्रधानमंत्री ने घरों और दुकानों की सुरक्षा में भूमिका निभाने वाला अलीगढ़ अब देश की सीमाओं की सुरक्षा में प्रमुख भूमिका निभायेगा। यहां सैकड़ों करोड़ रुपये के निवेश से डेढ़ दर्जन से अधिक कंपनियां आ रहीं हैं जो छोटे हथियार, ड्रोन, एयरोस्पेस मेटल कंपोनेंट, एंटी ड्रोन प्रणाली एवं अन्य रक्षा उपकरण बनायेंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक नब्ज़ पर हाथ रखते हुए श्री मोदी ने करीब पांच साल पहले हुए दंगों की याद दिलायी और कहा कि एक समय ऐसा माहौल था जब लोगों को पुश्तैनी घर छोड़ कर भागना पड़ा था। आज उत्तर प्रदेश में कोई भी अपराधी ऐसा करने से पहले सौ बार सोचता है। उन्होंने योगी सरकार की कानून व्यवस्था की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि एक समय यहां शासन प्रशासन गुंडो माफियाओं की मनमर्जी से चलता था लेकिन आज गुंडे और माफिया सलाखों के पीछे हैं। प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए केन्द्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कार्यों को गिनाया और कहा कि उनकी सरकार देश के 80 फीसदी से अधिक छोटी जोत वाले किसानों को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के चिंताओं से खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों और छोटे किसानों की समृद्धि के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड काल में गरीबों को भूख से बचाने के लिए भारत ने जो कार्य किये हैं वैसे कार्य दुनिया के तमाम बड़े देश भी नहीं कर पाये हैं। श्री मोदी ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक एवं ढांचागत विकास का भरोसा दिलाते हुए कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार डबल फायदे के लिए तेजी से काम कर रही है और कभी रोड़ा माने जाने वाला उत्तर प्रदेश देश में प्रगति का अगुवा बन गया है। उन्होंने देश में आत्मनिर्भरता की गति को इस विश्वविद्यालय से बल मिलेगा।
देश में रक्षा उद्योगों को बढ़ावा देने के उनकी सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक ग्रेनेड, राइफल, लड़ाकू विमान, ड्रोन, युद्धपोत आदि हथियार अब भारत में निर्मित करने का अभियान शुरू हुआ है। भारत दुनिया के सबसे बड़े रक्षा आयातकों की छवि से निकल कर दुनिया के अहम रक्षा निर्यातक की पहचान बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की इस पहचान का केन्द्र उत्तर प्रदेश बनने वाला है।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नया राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रक्षा उत्पादन गलियारे में मानव श्रम बल उपलब्ध कराने वाला एक अहम शिक्षण संस्थान होगा जिसमें रक्षा अध्ययन, रक्षा उत्पादन प्रौद्योगिकी का खासतौर पर शिक्षण एवं प्रशिक्षण सुलभ होगा। उन्होंने अलीगढ में छोटे हथियार, ड्रोन, एयरोस्पेस मेटल कंपोनेंट, एंटी ड्रोन प्रणाली एवं अन्य रक्षा उपकरण के निर्माण की तैयारी की जानकारी देते हुए कहा कि इससे अलीगढ़ एवं आसपास के क्षेत्र को नयी पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा, “अभी तक लोग अपने घर/दुकान की सुरक्षा के लिए अलीगढ़ के भरोसे रहते थे क्योंकि उनके दरवाजों पर यदि अलीगढ़ का ताला लगा है तो लोग निश्चिंत हो जाते थे। …. कल तक जो अलीगढ़ तालों के जरिए घरों, दुकानों की रक्षा करता था, वो 21वीं सदी में हिंदुस्तान की सीमाओं की रक्षा करने का काम करेगा।”
श्री मोदी ने एक जिला एक उत्पाद योजना का उल्लेख किया और कहा कि इस योजना से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने मध्यम, लघु, सूक्ष्म उद्यमों एवं छोटे उद्योगपतियों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा, “आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के हर छोटे-बड़े निवेशक के लिए बहुत आकर्षक स्थान बनता जा रहा है। ये तब होता है जब निवेश के लिए जरूरी माहौल बनता है, जरूरी सुविधाएं मिलती हैं। आज उत्तर प्रदेश ‘डबल इंजन सरकार के डबल लाभ’ का एक बहुत बड़ा उदाहरण बन रहा है।”
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की चर्चा बड़े अवसंरचना प्रोजेक्ट और बड़े फैसलों के लिए होती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश औद्योगिक टाउनशिप, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मेट्रो, एक्सप्रेस हाइवे, आदि हजारों करोड़ रुपए के निवेश से बन रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाएं भारत की तरक्की का आधार बनेंगी। जिस उत्तर प्रदेश को देश के विकास में रुकावट के रूप में देखा जाता था, 2017 के पहले गरीबों की योजनाओं में रोड़े अटकाये जाते थे। कैसे कैसे घोटाले होते थे। राजकाज भ्रष्टाचारियाें के हवाले था। आज वही उत्तर प्रदेश देश के विकास के बड़े अभियान का नेतृत्व कर रहा है। शौचालय, गरीबों के पक्के मकान, उज्ज्वला, बिजली के कनेक्शन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि हर मिशन पर उत्तर प्रदेश ने देश के लक्ष्य हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभायी है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम कर रही है। राज्य को समृद्ध बनाना है और विकास विरोधी ताकतों से बचाना है।
प्रधानमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक नब्ज पर भी हाथ रखा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को उनकी कर्मभूमि पर याद किया। उन्होंने कहा कि आज जहां कहीं भी उनकी आत्मा होगी, वह हम सबको आशीर्वाद दे रही होगी। उन्होंने जाट समुदाय के राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया और कहा, “राजा महेन्द्र प्रताप सिंह जी सिर्फ भारत की आजादी के लिए ही नहीं लड़े थे, बल्कि उन्होंने भारत के भविष्य के निर्माण की नींव में भी सक्रिय योगदान दिया था। …देश के प्रधानमंत्री के नाते मुझे फिर से एक बार ये सौभाग्य मिला है कि मैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह जैसे विजनरी और महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर बन रहे विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर रहा हूं।”
श्री मोदी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2016 में हुए दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले शासन प्रशासन गुंडो माफियाओं की मर्जी से चलता था। आज गुंडे माफिया सलाखों के पीछे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पांच साल पहले परिवार अपने घर में डरे हुए रहते थे। बहन बेटियों को स्कूल भेजने में डरते थे। ऐसे डर के माहौल में लोग पुश्तैनी घरों को छोड़ कर भागना पड़ा था। आज उत्तर प्रदेश में कोई भी अपराधी ऐसा करने से पहले सौ बार सोचता है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में गरीब की सुनवाई भी है और सम्मान भी। उन्होंने कोरोना टीकाकरण में भी योगी सरकार की उपलब्धियों की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने किसानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार का निरंतर प्रयास है कि छोटी जोत वालों को ताकत दी जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) डेढ़ गुणा हो, किसान क्रेडिट कार्ड का विस्तार हो, बीमा योजना में सुधार हो, 3 हज़ार रुपए की पेंशन की व्यवस्था हो, ऐसे अनेक फैसले छोटे किसानों को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ देश के जिन छोटे किसानों की चिंता चौधरी चरण सिंह जी को थी, उनके साथ सरकार एक साथी की तरह खड़ी रहे, ये बहुत जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह के कारण छोटे किसानों मजदूरों को लाभ हुआ। उनकी पीढ़ियां गरिमामय जीवन जी पा रहीं हैं। देश के 80 फीसदी छोटे किसान दो हेक्टेयर से कम जोत वाले हैं। इसलिए केंद्र सरकार का निरंतर प्रयास है कि छोटी जोत वाले किसानों को ताकत दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को दी गयी है जिसमें से 25 हजार करोड़ से अधिक की राशि उत्तर प्रदेश के किसानों को मिली है। उन्होंने गन्ना किसानों के लिए आमदनी के नये अवसर के रूप में इथेनॉल के प्रयोग को बढावा दिये जाने का उल्लेख किया।

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